क़ानूनी राय लेने के बाद ही रामदेव पर कार्रवाई: पुलिस

  • 28 अप्रैल 2014
बाबा रामदेव Image copyright AFP

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दलितों के ख़िलाफ़ दिए योग गुरु रामदेव के बयान के कारण उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं.

जहां चुनाव आयोग की रोक के बाद सोमवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में होने वाले उनके योग शिविर को रद्द कर दिया गया है, वहीं लखनऊ में उनके ख़िलाफ़ 'बाबा भीमराव अम्बेडकर महासभा' नाम के संगठन की ओर से एक पुलिस रिपोर्ट दर्ज़ कराई गई है.

पुलिस का कहना है कि रामदेव के ख़िलाफ़ कोई भी कार्रवाई क़ानूनी राय लेने के बाद ही होगी.

रामदेव ने पिछले हफ़्ते लखनऊ में एक कार्यक्रम में कहा था कि राहुल गांधी दलितों के घर हनीमून और पिकनिक मनाने जाते हैं.

महासभा का कहना है कि यह दलितों का अपमान है और रामदेव के ख़िलाफ़ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मुक़दमा दर्ज होना चाहिए.

आयोग से नाराज़गी

लखनऊ पुलिस अभी यह नहीं तय कर पाई है कि उनके ख़िलाफ़ उक्त अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है या नहीं.

लखनऊ ट्रांस-गोमती के पुलिस अधीक्षक हबीबुल हसन कहते हैं, "अभी वकीलों की राय ली जा रही है कि उनके ख़िलाफ़ किस प्रकार का अपराध बनता है. रामदेव ने किसी व्यक्ति विशेष को तो कुछ कहा नहीं है, उनका बयान तो समुदाय विशेष के लिए था. दोनों प्रकार के बयानों में फ़र्क़ है. बात बदल जाती है. इसलिए क़ानूनी राय लेकर ही आगे कार्रवाई करेंगे."

हसन कहते हैं, "फ़िलहाल हम किसी भी कार्रवाई को टाल रहे हैं."

अम्बेडकर महासभा की महासचिव वीणा मौर्या कहती हैं, "रामदेव ने सारी दलित महिलाओं का अपमान किया है, किसी एक का नहीं. इसलिए उनके ख़िलाफ़ अनुसूचित जाति अधिनियम के अंतर्गत मुक़दमा बनता है. दलित औरतों को इतना नीचा समझ लिया है."

वह अखिल भारतीय अनुसूचित जाति आयोग से भी थोड़ा नाराज़ थीं. आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया बाराबंकी से लोकसभा चुनाव लड़ने में व्यस्त हैं. उन्होंने कहा, "राजनीति कर रहे हैं. कहा है कि 30 अप्रैल के बाद देखेंगे क्या करना है."

लेकिन पूनिया का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस महानिदेशक को आयोग की ओर से नोटिस जारी किया जा चुका है. नोटिस में पूछा गया है कि रामदेव के विरुद्ध कार्रवाई की गई है या नहीं. यदि कार्रवाई नहीं हुई है तो क्यों नहीं हुई.

रामदेव के ख़िलाफ़ लखनऊ के हज़रतगंज और महानगर पुलिस थानों में अंबेडकर महासभा और एक अन्य दल ने रिपोर्ट दर्ज़ कराई है, क्योंकि रामदेव ने अपना बयान मीडियाकर्मियों से महानगर स्थित एक गेस्ट हाउस में दिया था इसलिए अंबेडकर महासभा की रिपोर्ट भी महानगर थाने को दे दी गई है.

लखनऊ के सीनियर पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार के अनुसार रामदेव के ख़िलाफ़ मुक़दमा निर्वाचन आयोग के निर्देश पर लिखा गया है.

शिविर पर रोक

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दूसरी तरफ़ चुनाव आयोग के एक निर्देश के बाद योग गुरु रामदेव का हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में आयोजित होने वाला योग शिविर रद्द हो गया है. ये शिविर सोमवार को होना था.

इस बीच बाबा रामदेव ने कांगड़ा में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अदालत का दरवाजा खटखटाया है.

उन्होंने कहा, "मेरे योग शिविर पूरी तरह ग़ैर राजनीतिक हैं और इस तरह की पाबंदी राजनीति से प्रेरित है. हमने इसके ख़िलाफ़ अदालत में अपील की है." प्रेस कांफ्रेंस में उनके साथ हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार भी मौजूद थे.

चुनाव आयोग ने शनिवार को जारी एक आदेश में धार्मिक संगठनों और समूहों की ओर से धार्मिक समागम, योग शिविर और जुलूस आदि निकालकर किसी उम्मीदवार या पार्टी के समर्थन या विरोध में अपील करने पर पाबंदी लगा दी थी.

आयोग ने कहा है कि उसे इस बात की शिकायतें मिल रही हैं कि धार्मिक संगठन, संस्थाएं शिविर और बैठकें आयोजित वोटरों से ख़ास उम्मीदवारों या राजनीतिक दलों के लिए समर्थन की अपील कर रहे हैं.

यह पाबंदी देश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू रहने तक जारी रहेगी.

रामदेव सोमवार को कांगड़ा में एक योग शिविर का आयोजन करने वाले थे, जो इस आदेश की वजह से रद्द हो गया है. हिमाचल प्रदेश की चार लोकसभा सीटों के लिए सात मई को मतदान हो रहा है.

बयान की निंदा

रामदेव कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर दिए एक बयान को लेकर इन दिनों चर्चा में हैं.

एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने कहा था कि राहुल गांधी दलितों के घर हनीमून और पिकनिक मनाने के लिए जाते हैं.

उन्होंने शुक्रवार को लखनऊ में कहा था, "राहुल गांधी पिकनिक मनाने दलितों के घर जाते हैं. अगर वो दलित लड़की से शादी कर लेते तो उनकी क़िस्मत खुल सकती थी, वो प्रधानमंत्री बन जाते."

बयान पर बढ़ते विवाद के बीच शनिवार को रामदेव ने सफ़ाई दी, "राहुल जी के बारे में जो मैंने कहा था, उसे ग़लत तरीक़े से पेश किया गया था. सामाजिक और राजनीति संदर्भ में अकसर कहा जाता है कि हनीमून पीरियड इज़ ओवर. इसलिए दलितों और राहुल गांधी का अपमान करना हमारा लक्ष्य नहीं था."

बहुत से सामाजिक संगठनों ने बाबा रामदेव पर मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार करने की मांग की है.

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने रामदेव के बयान पर आपत्ति जताते हुए शनिवार को कहा कि यदि भाजपा उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करती है तो पार्टी चुनाव बाद बाबा रामदेव और भाजपा के ख़िलाफ़ देशव्यापी अभियान चलाएगी.

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