अल्फांसो प्रतिबंधः भारत ने दी डब्ल्यूटीओ में घसीटने की धमकी

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भारतीय आम अल्फांसो पर यूरोप में प्रतिबंध का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. शुक्रवार को भारत ने कहा है कि यदि यूरोपीय संघ ने भारतीय आम और सब्जियों पर प्रतिबंध नहीं हटाया तो वो विश्व व्यापार संगठन में इस मामले को उठाएगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा, ''हमें उम्मीद है कि भारत के साथ मजबूत आर्थिक साझेदारी को लेकर यूरोपीय संघ विचार करेगा और हालात ऐसे नहीं बनेंगे, जिससे हमें डब्ल्यूटीओ जाना पड़े.''

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही यूरोपीय संघ व्यापार आयुक्त कारेल डी गुश को इस बारे में पत्र लिख दिया है.

उन्होंने कहा कि सरकार ने एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फ़ूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट आथॉरिटी (एपीईडीए) के मार्फत विश्वस्तरीय प्रयोगशाला बनाने में निवेश किया है और इसके द्वारा प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया यूरोपीय संघ, अमरीका और अन्य देशों को स्वीकार्य है.

उन्होंने यूरोपीय संघ के निर्णय को एकतरफा बताते हुए कहा, ''इसका कोई कारण नहीं है और मैंने पत्र में लिखा है कि इससे हमारे आर्थिक संबंधों पर नाकारात्मक असर पड़ेगा.''

अंतरराष्ट्रीय मानदंड

उन्होंने कहा कि एपीईडीए को कृषि उत्पादों के लिए प्रमाण पत्र देने का अधिकार प्राप्त है और यह सभी देशों के लिए मान्य है.

मामले के जल्द सुलझने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा, ''इसीलिए एपीईडीए और वाणिज्य मंत्रालय ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया है.''

गुरुवार को वाणिज्य सचिव राजीव खेर ने कहा था कि विश्व व्यापार संगठन में जाने का फैसला बातचीत के आधार पर लिया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा था, ''मैं नहीं समझता कि इस मामले में यह सही नज़रिया है. भारत और यूरोपीय संघ एकदूसरे के मजबूत द्वीपक्षीय व्यापारिक साझेदार हैं. हमें इस मतभेद को आपसी बातचीत से सुलझाना चाहिए.''

गत सोमवार को यूरोपीय संघ ने भारत से आने वाले अलफांसो आमों और चार अन्य सब्जियों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था. यह प्रतिबंध 1 मई से लेकर दिसम्बर 2015 तक लागू रहेगा.

2013 में आमों और सब्जियों की भारत से आई 207 खेपें कीटनाशकों से प्रदूषित पाई गई थीं, जिसके बाद यह प्रतिबंध लगाया गया.

ब्रिटेन हर वर्ष बड़े पैमाने पर आमों का आयात करता है और वहां इसका बाज़ार 60 लाख पाउंड (क़रीब 62 करोड़ रुपए) का है.

दुनिया का सबसे पड़ा आम उत्पादक देश भारत सभी प्रकार के फलों का 65,000 से 70,000 टन निर्यात करता है.

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