महिला जासूसी केस: जांच पर यूपीए में मतभेद

  • 4 मई 2014
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गुजरात में एक महिला की कथित जासूसी मामले की जांच के लिए आयोग गठित करने के मसले को लेकर कांग्रेस के सहयोगी दलों में मतभेद पैदा हो गए हैं. केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को कहा था कि केंद्र सरकार 16 मई से पहले इस मामले की जांच के लिए आयोग गठित कर देगी.

कांग्रेस गठबंधन (यूपीए) में शामिल नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया है, "कल रात मैं अपने पिता से बात कर रहा था. सरकार के अंतिम समय में जांच आयोग गठित करना ग़लत है. मेरे पिता भी ऐसा ही सोचते हैं."

यूपीए की अहम सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी सरकार के इस फ़ैसले का विरोध किया है.

शुक्रवार को केंद्रीय क़ानून मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि गुजरात के 'स्नूपगेट' मामले में सरकार 16 मई से पहले जांच आयोग के न्यायाधीश का नाम तय कर देगी.

पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कुछ समाचार चैनलों से कहा, "एनसीपी जासूसी मामले में इस समय जांच आयोग गठन करने के पक्ष में नहीं है. चुनाव के नतीजे दस दिन में आ जाएंगे. शरद पवार ने प्रधानमंत्री से बात की है और इस मुद्दे पर हमारी पार्टी के रुख से उन्हें अवगत करा दिया है."

जांच की आंच

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इस मामले की जांच कराने की घोषणा करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा था, "अगर एक मुख्यमंत्री एक लड़की के पीछे गुप्तचर लगाते हैं और अगर कल ये प्रधानमंत्री बन जाएं तो लड़कियों का क्या होगा. हमें यही डर है."

केंद्र सरकार के इस फ़ैसले पर टिप्पणी करते हुए नरेंद्र मोदी ने समाचार चैनल हेडलाइंस टुडे को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "कांग्रेस जो चाहती है वो कर ले. 12 साल में मुझे बदान करने के प्रयासों का कोई फ़ायदा विरोधियों को नहीं हुआ है."

जांच आयोग के गठन के फ़ैसले पर केंद्र सरकार और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए नरेंद्र मोदी के क़रीबी अमित शाह ने कहा, "2005 से कांग्रेस का डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट ये सब कर रहा है. मेरा सिर्फ़ इतना ही कहना है कि शुंगलू कमेटी रिपोर्ट का क्या हुआ, आदर्श घोटाले की जांच का क्या हुआ."

शाह ने कहा, "बड़े-बड़े घोटालों की जांच की सरकार को कोई चिंता नहीं है जबकि सरकार का नैतिक अधिकार ख़त्म हो चुका है और चुनाव की घोषणा के बाद सरकार के पास ऐसे फ़ैसले करने का संवैधानिक अधिकार भी नहीं है. फिर भी अगर वो करना चाहते हैं तो मैं मानता हूं कि कांग्रेस नेताओं को मालूम ही नहीं है कि उनकी सरकार क्यों जा रही है."

उल्लेखनीय है कि समाचार वेबसाइट कोबरापोस्ट ने कुछ महीने पहले एक स्टिंग ऑपरेशन किया था, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के क़रीबी सहयोगी अमित शाह पर गुजरात की एक महिला आर्किटेक्ट की कथित जासूसी करवाने के आरोप लगाए गए थे. इस स्टिंग ऑपरेशन में दिखाया गया है कि अमित शाह महिला की कथित जासूसी किसी 'साहब' के कहने पर करवा रहे हैं.

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