'अमेठी में आप ने अपना अहसास कराया'

आप कार्यकर्ता

34 वर्षीय कृष्णा कुमार यूँ तो राजस्थान के रहने वाले हैं लेकिन पिछले पंद्रह दिनों से अमेठी में डेरा डाले हुए हैं.

कृष्णा कुमार का परिवार राजस्थान के हनुमानगढ़ ज़िले में रहता है और इनके आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता बनने के फ़ैसले का समर्थन करता रहा है.

कृष्णा जब अमेठी आए तो उन्हें एक बड़ा धक्का लगा था.

उन्होंने कहा, "हम तो यहाँ आकर दंग रह गए. हमारे राजस्थान में तो हमारे विधायक यहाँ के सांसद से ज़्यादा काम कर चुके हैं. अब आम आदमी समझदार हो चुका है और देख-समझ रहा है कि यहाँ विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ. सड़क के गड्ढे में बच्चा गिर जाए तो निकल नहीं सकता."

मैंने कृष्णा कुमार से पूछा कि क्या वो आप पार्टी के अमेठी उम्मीदवार कुमार विश्वास से मिले हैं?

नींद उड़ा देंगे

उनका जवाब था, "बिल्कुल मिले और कुमार जी ने कहा अगर नहीं जीते तब भी लोगों की नींद उड़ा देंगे. क्योंकि जनता फ़ैसला करने वाली है."

सात मई को अमेठी में होने वाले मतदान के पहले कृष्णा वाराणासी पहुंच चुके होंगे अरविंद केजरीवाल का प्रचार करने.

Image caption आप कार्यकर्ता कृष्णा कुमार का पूरा परिवार राजस्थान के हनुमानगढ़ ज़िले में रहता है.

अमेठी में पिछले तीन दिनों में मुझे ज़्यादातर गांवों और कस्बों में आप पार्टी के कार्यकर्ता प्रचार करते दिखे हैं.

इनकी ख़ास बात यही थी कि ये बड़ी संख्या में नहीं थे बल्कि पाँच-आठ के समूह भर ही थे.

ज़्यादातर भारत के दूसरे राज्यों से आए थे और बाकायदा अंग्रेजी बोलने वाले, कुर्ता-जीन्स या टी-शर्ट में थे.

एक व्यक्ति जो दुबई में मर्चंट बैंकर हैँ, अपनी कंपनी से एक महीने की छुट्टी लेकर आए थे और कुमार विश्वास के साथ गाँव-गाँव प्रचार करके अब वाराणसी के लिए रवाना हो चुके हैं.

पार्टी उम्मीदवार कुमार विश्वास के साथ जब कई गाँव गया तब पता चला ये उनके प्रचार की दूसरी यात्रा है.

जोश से लबरेज़

कुमार ने बताया कि कार्यकर्ताओं के पास भले ही ज़्यादा पैसे न हों, बड़ी एसयूवी गाड़ियां न रही हों लेकिन जोश पूरा रहा है.

उन्होंने बताया, "अरविंद भी आए थे और गुल पनाग कई दिन प्रचार कर के लौटीं हैं. हमारे लोग गांवों में जाकर रहें हैं, मैंने खुद वहां रातें बिताई हैं, इसीलिए लोग हमारे बारे में बात कर रहे हैं".

अमेठी के नागरिकों से बात करने पर लगा कि ज़्यादातर को लगता है कि आम आदमी पार्टी ने अपनी मौजूदगी का अहसास करा दिया है.

हालांकि आम लोगों को ये भी अहसास है कि 2009 आम चुनाव में राहुल गांधी यहाँ साढ़े तीन लाख मतों से जीते थे.

महेश कुमार अमेठी में जन्मे और अब बीज भंडार में नौकरी करते हैं.

उन्होंने बताया, "देखिए राहुल गांधी का हारना तो संभव नहीं लगता लेकिन इन चुनाव में कम से कम अमेठी में मुक़ाबला तो हुआ है. हम लोगों के लिए ये बड़ी बात है."

अमेठी समेत उत्तर प्रदेश की 15 सीटों पर सात मई को मतदान होना है.

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