एक मोदी को दूसरे मोदी से बड़ी उम्मीद

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सुप्रीम कोर्ट के पर्यवेक्षक की मौजूदगी में मंगलवार को जब राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) के चुनाव नतीजे घोषित किए गए तो, पूर्व आईपीएल आयुक्त ललित मोदी अध्यक्ष पद पर विजयी घोषित किए गए.

लेकिन इसके कुछ देर बाद ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अनुशासनहीनता के आरोप में आरसीए को निलंबित कर दिया. आरसीए इसके ख़िलाफ़ अदालत जाने की तैयारी कर रहा है.

आरसीए के अध्यक्ष चुने गए ललित मोदी वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं. उनसे बातचीत की बीबीसी संवाददाता नेहा भटनागर ने.

आप राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के अध्यक्ष तो चुन लिए गए. लेकिन बीसीसीआई ने आरसीए को ही निलंबित कर दिया है. अब आपका अगला क़दम क्या होगा?

जिन लोगों ने आरसीए को निलंबित किया है, उन्हें यह देखना चाहिए कि उन्होंने किस बहाने आरसीए को निलंबित किया है. उनके पास कोई अधिकार नहीं है. इसके लिए उन्होंने कोई बैठक नहीं की. वो जो कर रहे हैं, जो चीजें ज़्यादा दिन तक नहीं चलने वाली हैं. उन्हें सोच-समझकर अपना क़दम उठाना चाहिए था. उन्हें इतनी ज़ल्दी क़दम नहीं उठाना चाहिए था क्योंकि इससे राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का कोई लेना-देना नहीं है.

आरसीए के चुनाव राज्य एसोसिएशन के क़ानूनों के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट के पर्यवेक्षक की मौज़ूदगी में और उसकी इजाज़त के बाद ही हुए हैं. बीसीसीआई जो भी कार्रवाई कर रहा है, वह बिना सोचे समझे कर रहा है. पता नहीं कौन उसे इसकी सलाह दे रहा है. यह हमारे लिए अच्छा है. इसके ख़िलाफ़ हम लड़ाई लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे.

अब आपका अगला क़दम क्या होगा?

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन को चलाएंगे और उसे आगे बढ़ाएंगे. पूरी कार्यकारिणी हमारे साथ हैं. हम इस मामले को अदालत में ले जाएंगे. मुद्गल कमेटी के सामने भी हम अपनी बात रखेंगे और सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे.

लेकिन जब एसोसिएशन ही निलंबित है तो आपके पास कितना अधिकार है उसे चलाने का?

उनके पास निलंबन का अधिकार ही नहीं है. निलंबित करने का अधिकार राज्य के क़ानून के पास है. उनके निलंबित करने और न निलंबित करने की बात केवल बोलने की बात है. आख़िरकार मैं राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष हूं. राजस्थान में जो भी क्रिकेट खेला जा रहा है या खेला जाएगा, वह हमारे तहत ही हो सकता है. उनके पास उसे चलाने का कोई अधिकार नहीं है.

आरसीए को निलंबित करने का फ़ैसला क्या आपके लिए चौंकाने वाला था?

बिल्कुल नहीं. मुझे मालूम था कि वो कोई न कोई मूर्खतापूर्ण काम करेंगे. लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि वो इतनी मूर्खतापूर्ण चीज़ें कर सकते हैं.

आख़िर वो ऐसा कर क्यों रहे हैं?

क्योंकि जो लोग वहां बैठे हैं, उन्हें एसोसिएशन चलाना नहीं आता है. इसलिए वो ऐसा कर रहे हैं. उन्हें ग़लत सलाह दी गई है.

लेकिन बीसीसीआई ने तो नियमों का हवाला दिया है, जिनके तहत यह कार्रवाई की गई है.

जिन नियमों के तहत कार्रवाई की गई है, क्या आपने उन्हें पढ़ा है. जिस सेक्शन का उन्होंने हवाला दिया है. उस सेक्शन के जो अधिकार हैं, वो खिलाड़ियों और अन्य लोगों के लिए हैं, वह राज्य एसोसिएशन, जो उसका सदस्य है, वह सेक्शन उसके लिए नहीं हैं. जिस आदमी ने दस्तखत किए हैं, उसके पास यह शक्ति ही नहीं है.

क्या अब आप भारत वापस लौटेंगे?

भारत ज़रूर जाऊंगा. मैं लोकसभा चुनाव के ख़त्म होने का इंतज़ार कर रहा हूं. चुनाव ख़त्म होने के बाद अगर मुझे पर्याप्त सुरक्षा मिलती है, तो मैं भारत ज़रूर जाऊंगा.

अगर भारत में अगली सरकार नरेंद्र मोदी की बनती है, तो ऐसे में क्या आपको उम्मीद है कि आपको पर्याप्त सुरक्षा मिलेगी.

आज की तारीख़ में जो सरकार है, वह मेरे ख़िलाफ़ है. मुझे पूरा यकीन है कि नई सरकार निष्पक्ष होगी.

उन मामलों में जिनमें आपका नाम आया है और उसमें आप पर आरोप लगाए गए हैं, क्या उनसे बाहर आने की कोशिश करेंगे?

मेरे ऊपर जितने आरोप लगाए गए हैं, उनमें से मेरा नाम पहले ही हट चुका है. किसी भी आरोप में मेरे ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है. सभी आधारहीन आरोप लगाए गए हैं. कोई भी एजेंसी मेरे ख़िलाफ़ कोई आरोप साबित नहीं कर पाई है. इन सभी आरोपों को हम पहले ही अदालत में ग़लत साबित कर चुके हैं.

16 मई के बाद अगर नरेंद्र मोदी की केंद्र में सरकार बनती है तो आप भारत कब जाएंगे?

बहुत जल्द ही.

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