दोनों जगह से हारने वाले हैं मोदी: मधुसूदन मिस्त्री

मधुसूदन मिस्त्री

गुजरात की वडोदरा सीट से भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को टक्कर दे रहे कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री का कहना है कि मोदी की कथनी और करनी में फ़र्क़ है और वह प्रधानमंत्री बनने के लायक नहीं है.

कांग्रेस के प्रत्याशी अजय राय के चुनाव प्रचार के लिए बनारस पहुंचे मिस्त्री ने बीबीसी से बातचीत में ये बातें कहीं.

जब उनसे मोदी की संभावनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मोदी दोनों जगह से हारने वाले हैं. मोदी की केवल मीडिया में हवा है. यह हवा बनाई जा सकती है इसमें कोई समस्या नहीं है. इसके लिए आपको व्यापक संसाधनों की ज़रूरत होती है."

मोदी वडोदरा के साथ-साथ बनारस से भी चुनाव लड़ रहे हैं जहां अंतिम चरण में 12 मई को मतदान होना है. वडोदरा में मतदान हो चुका है.

मिस्त्री ने कहा, "बनारस की केमिस्ट्री अलग है. वडोदरा में उनका प्रभाव ज़रूर है क्योंकि वह गुजरात के मुख्यमंत्री हैं. लेकिन वडोदरा के अंदर जिस तरह से लोगों ने मेरा साथ दिया उससे मुझे लगता है कि मेरी जीत वहां संभव है. मैं इसे लेकर आशावादी हूं."

उन्होंने कहा, "बनारस के अंदर हमारे दूसरे कार्यकर्ता काम देख रहे हैं. यहां पार्टी ने एक अलग स्ट्रेटजिक ग्रुप बनाया है. इसलिए मैं यहां के बारे मैं ज़्यादा कुछ नहीं कहूंगा."

जाना पहचाना चेहरा

कांग्रेस के उम्मीदवार अजय राय की संभावनाओं के बारे में मिस्त्री ने कहा, "वह एक जाना पहचाना चेहरा हैं. उन्हें प्रचार की ज़रूरत ही नहीं है. वह ख़ुद एक विधायक हैं. बनारस वैदिक काल का शहर है और यहां के लोग बौद्धिक हैं. किसी के पक्ष में माहौल बनाने से वे बदलते नहीं हैं. वे प्रतिबद्ध मतदाता हैं. हमारे सांसद 2009 में यहां हार गए थे और तब भाजपा ने यह सीट जीती थी."

उन्होंने कहा, "मोदी गुजरात में प्रशासन के सहारे और बलबूते चुनाव जीते हैं. आज उन्हें पता चला है कि जहां उनकी सरकार नहीं है वहां क्या स्थिति है. यही कारण है कि आज वे चुनाव आयोग को शिकायत कर रहे हैं."

मिस्त्री ने कहा, "मैं भी वडोदरा में शिकायत कर रहा था. मेरे ख़िलाफ़ पोस्टर फाड़ने के मामले में आपराधिक मामला दर्ज कराया गया. गुजरात सरकार ने मुझे दो नोटिस भी भेजे. वहां पर उन्हें चुनाव आयोग और उसके अधिकारी उन्हें अच्छे लगते थे. यहां पर उनकी सरकार नहीं है तो कह रहे हैं कि अधिकारी बदलो. ये तो दोहरा मापदंड है."

उन्होंने कहा, "उनका यह रवैया नहीं चल सकता. वो ख़ुद को प्रधानमंत्री पद का दावेदार कहते हैं लेकिन ओछी राजनीति पर उतर आए हैं और जिस तरह प्रदर्शन वगैरह की बात की, मुझे नहीं लगता है कि प्रधानमंत्री पद का कोई उम्मीदवार ऐसी हरकत करेगा."

गुजरात की तिजोरी

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कांग्रेस नेता ने कहा, "प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए. चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसे इस तरह निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए."

मिस्त्री ने कहा, "उंगली के अंदर कमल बताना, उनको चुनौती देना, यह कहना कि चुनाव आयोग को जो कुछ करना हो कर ले, ये पीएम के लक्षण नहीं है."

मोदी अपनी चुनाव सभाओं में गुजरात मॉडल की चर्चा करते हैं और प्रधानमंत्री बनने पर इसे पूरे देश में लागू करने की बात करते हैं लेकिन मिस्त्री उनके इस मॉडल को खोखला बताते हैं.

उन्होंने कहा, "मोदी कहते हैं कि मुझे चौकीदार बनाओ लेकिन गुजरात की तिजोरी का उन्होंने क्या हाल किया है. मोदी को 12 साल पहले भरी तिजोरी मिली थी लेकिन उन्होंने इसे खाली कर दिया बल्कि राज्य पर एक लाख 80 हज़ार करोड़ रुपए का क़र्ज़ा भी चढ़ा दिया."

मिस्त्री ने कहा, "गुजरात के अंदर 4800 किसानों ने आत्महत्या की है. सैकड़ों कारखाने बेकार हैं. दस लाख पंजीकृत बेरोज़गार हैं. नहरों में पानी नहीं है. वडोदरा में पानी की किल्लत है. वहां मच्छरों का प्रकोप है. मोदी की कथनी और करनी में फ़र्क़ है और ऐसे आदमी को कभी भी बनारस की जनता प्रधानमंत्री नहीं बनाएगी."

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