बीबीसी कैंपस हैंगआउट: इस चुनाव से बनारस को क्या हासिल होगा?

वाराणसी

इस आम चुनाव की वो सीट जिसका नतीजा जानने की उत्सुकता लोगों को सबसे ज़्यादा होगी. अगर आप ऐसी कोई सूची बनाने बैठेंगे तो शायद उसमें बनारस का नाम ज़रूर होगा.

अपनी एक अलग सी मस्ती में रहने वाला वही बनारस शहर इन दिनों कुछ ख़ास चीज़ें देख रहा है.

(कैंपस हैंगआउट यहाँ क्लिक कर देख सकते हैं.)

आपको लगभग हर अहम चौराहे, सड़क और घाट पर आम आदमी पार्टी की टोपी लगाए झाड़ू हाथ में लिए लोग दिख जाएँगे.

शहर के बहुत से युवाओं में नरेंद्र मोदी को लेकर एक जुनूनी जोश है.

और, बनारस में इन दिनों लगभग हर प्रमुख समाचार चैनल की गाड़ी सड़क नापती दिख रही है. कई बड़े पत्रकार भी अंतिम चरण के चुनाव में यहीं डेरा जमाए बैठे हैं.

'12 के बाद क्या?'

बनारस के स्थानीय लोग इसका आनंद भी रहे हैं और ये भी कह रहे हैं कि 12 तारीख़ के बाद देखते हैं कितने लोगों को बनारस याद रह जाएगा.

उनके इसी जुमले में छिपी है बनारस के हालात की कहानी. बड़ी तादाद में धार्मिक पर्यटन को आकर्षित करने वाला ये शहर बहुत सी बुनियादी सुविधाओं को ठीक किए जाने के इंतज़ार में है.

क्या दिग्गज उम्मीदवार लोगों की ये उम्मीद पूरी कर पाएँगे?

उम्मीद और आशंका

भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के दावेदार हैं इसलिए लोगों को लग रहा है कि वह जीते तो क्षेत्र की शायद कायापलट हो जाए. मगर लोग इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं हैं कि अगर मोदी वडोदरा और बनारस दोनों जगह से जीत गए तो वह कौन सी सीट छोड़ेंगे?

इसी तरह अरविंद केजरीवाल को लेकर लोगों को लग रहा है कि उनकी जीत हुई तो इतने साल से बनारस की जो अनदेखी हुई वह ख़त्म हो जाएगी.

मगर लोगों को ये भी डर है कि अगर केजरीवाल ने बीच में ही किसी मुद्दे पर इस्तीफ़ा दे दिया तो फिर उनकी माँगों को आवाज़ कौन देगा.

कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय स्थानीय होने के नाते मुद्दों को सही तरह से समझने की बात करते हैं. मगर जेल में बंद मुख़्तार अंसारी से उन्हें जिस तरह समर्थन मिला है कई लोग उससे नाख़ुश हैं.

कैंपस हैंगआउट

ऐसे माहौल में बीबीसी कैंपस हैंगआउट में चर्चा का विषय है, "इस चुनाव से बनारस को क्या हासिल होगा?"

ये कार्यक्रम काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रबंध शास्त्र संकाय में आयोजित होगा. बीबीसी हिंदी के यूट्यूब चैनल पर ये कार्यक्रम दोपहर एक बजे से दो बजे के बीच लाइव प्रसारित होगा.

साथ ही इस कार्यक्रम का पूरा ब्यौरा बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक अकाउंट पर भी लाइव उपलब्ध होगा.

इसमें अपनी बात रखने के लिए आप फ़ेसबुक या ट्विटर पर #CampusHangout हैशटैग के साथ टिप्पणी कर सकते हैं.

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