बिहार : मुख्यमंत्री का आज हो सकता है फैसला

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफ़े के बाद पैदा हुई नई परिस्थितियों को लेकर हुई जनता दल यूनाइटेड विधायक दल की बैठक बेनतीजा ही ख़त्म हो गई.

लोकसभा चुनाव 2014 में जेडीयू की करारी हार के बाद बिहार के निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी ज़िम्मेदारी लेते हुए शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.

रविवार को हुई बैठक में शामिल जेडीयू विधायक रमई राम ने बताया, "जेडीयू विधायक दल की बैठक बेनतीजा रही है. बैठक में उपस्थित विधायक नीतीश कुमार को ही अपना नेता मानते हैं."

बैठक में निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतिश कुमार इस बात का फ़ैसला करने के लिए एक दिन का समय मांगा कि वे विधायक दल के नेता रहेंगे या नहीं.

समर्थकों का विरोध

जेडीयू विधायक रमई राम ने बताया कि जैसे ही वे मुख्यमंत्री आवास पर चल रही बैठक से लौटे, तो उन्हें आवास के बाहर खड़े पार्टी समर्थकों की धक्कामुक्की का सामना करना पड़ा.

बैठक से छनकर आ रही खबरों के अनुसार बैठक काफ़ी हंगामेदार रही. चुनाव प्रचार के दौरान या चुनाव के पहले जिन विधायकों ने नीतीश का विरोध किया था, उन्हें बैठक में मौजूद विधायकों के विरोध का सामना करना पड़ा.

जेडीयू प्रमुख शरद यादव मुख्यमंत्री आवास के बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों के निशाने पर थे. वहां उनके विरोध में नारे लगाए जा रहे थे.

कार्यकर्ताओं का मानना है कि शरद यादव के बयान विरोधाभासी रहे हैं. शरद यादव ने कल कहा था कि आज वे जेडीयू का नया नेता देंगे, जबकि समर्थक नीतीश कमार को ही मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं.

जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने नए नेता पर फ़ैसला लेने के लिए कल फिर बैठक बुलाए जाने की पुष्टि की है. साथ ही उन्होंने शरद यादव के साथ हुए दुर्व्यवहार और हंगामे की ख़बरों से इनकार भी किया है.

फ़रवरी में राष्ट्रीय जनता दल में हुई टूट के बाद 12 विधायकों ने अलग गुट के रूप में मान्यता मांगी थी. इनमें से तीन विधायकों को छोड़कर बाक़ी राजद में लौट गए थे.

तीन विधायकों का इस्तीफ़ा

आज बाक़ी बचे तीन विधायकों- सम्राट चौधरी, जावेद इकबाल अंसारी और रामलखन राम ने विधायक पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. इन तीन विधायकों के इस्तीफ़ा देने से फिलहाल जदयू को फ़ायदा होता नज़र आ रहा है.

इनमें से एक जावेद इकबाल अंसारी ने बताया कि उन्होंने जेडीयू के लिए प्रचार किया था. ऐसे में वर्तमान राजनीतिक हालात के आधार पर वो नैतिकता के आधार पर इस्तीफ़ा दे रहे हैं.

उन्होंने आगे बताया कि अब राजद में वापस लौटना उनके लिए संभव नहीं है और वे शीघ ही जेडीयू में शामिल होंगे.

उधर, राजद के प्रवक्ता मनोज झा के मुताबिक़, ''दो महीने पहले हमारे विधायक दल में टूट की कोशिश की गई थी, जिसके बाद हमने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष विधायकों की परेड कराई थी. इनमें ये तीन विधायक शामिल नहीं थे. जिन तीन के इस्तीफ़े की ख़बर है वे हमारे टिकट पर चुनकर आए थे, उन्हें लेकर हमने विधानसभा अध्यक्ष को पहले ही नोटिस दे रखा था. अगर उन्होंने इस्तीफ़ा दिया है, तो यह विधानसभा अध्यक्ष और विधायकों के बीच का मामला है. इससे हमारी पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है.''

कांग्रेस की बैठक

उधर मौजूदा हालात पर विचार और अगली रणनीति तय करने के लिए कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी सोमवार को हो रही है.

कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने जेडीयू को कांग्रेस का समर्थन जारी रहने के सवाल पर जवाब दिया, "अभी तो हमारा समर्थन है. पार्टी की आगे की रणनीति के बारे में फ़ैसला कल किया जाएगा."

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