राष्ट्रपति ने भंग की 15वीं लोकसभा

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भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तत्काल प्रभाव से 15वीं लोकसभा को भंग कर दिया है. सरकारी समाचार एजेंसी पीटीआई ने यह जानकारी दी है. इसी के साथ नई सरकार के गठन की तैयारियां शुरू हो गई हैं.

इससे पहले कल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस्तीफ़ा दिया था. 15वीं लोकसभा का कार्यकाल 31 मई को समाप्त हो रहा है.

इससे पहले 16वीं लोकसभा के गठन से पहले हुए आम चुनाव के तहत 543 सीटों पर क़रीब एक माह तक मतदान 10 चरणों में मतदान हुआ.

16 मई को आए नतीजों में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी को भारी बहुमत के साथ जीत हासिल हुई. अकेले भाजपा ने 282 सीटें हासिल कीं.

भारत के इतिहास में यह अब तक का सबसे लंबे समय तक चलने वाला और जनता की भागीदारी के लिहाज़ से सबसे बड़ा चुनाव था.

आम चुनाव में 81 करोड़ 45 लाख मतदाताओं ने हिस्सा लिया. 2009 के बाद पांच साल में भारतीय मतदाताओं की संख्या में 10 करोड़ का इज़ाफ़ा हुआ है. इनमें 18-19 साल की आयु के दो करोड़ 30 लाख मतदाता थे.

इस चुनाव के दौरान दुनियाभर के 18 देशों के 43 प्रतिनिधियों ने दौरा कर लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया को देखा. कुल 30 से अधिक देशों के 140 व्यक्तियों को विश्व के सबसे बड़े चुनाव आयोजन को पहली बार देखने का मौका मिला.

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