सोनिया और राहुल का इस्तीफ़ा ठुकराया गया

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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आम चुनाव में हार की ज़िम्मेदारी स्वीकार करते हुए कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस्तीफ़े की पेशकश की.

कांग्रेस कार्यसमिति ने उन दोनों के इस्तीफ़े की पेशकश को ठुकरा दिया है.

कार्यसमिति की उसी बैठक में प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने भी सरकार के स्तर पर कमी की ज़िम्मेदारी ली.

बैठक के बाद पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने पत्रकारों को बताया, "सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी आरंभिक टिप्पणी की और कहा कि निश्चय ही पार्टी के लिए ये चुनाव परिणाम अत्यंत निराशाजनक हैं. देश में जिस तरह का वातावरण बनाया गया, जिस तरह समाज में ध्रुवीकरण का प्रयास किया गया वह चिंताजनक है."

द्विवेदी के मुताबिक़, "सोनिया गांधी ने कहा कि मैं ये महसूस करती हूँ कि जो परिवर्तन मुझे करना चाहिए था शायद मैं वो नहीं कर सकी और मैं हार की ज़िम्मेदारी लेती हूँ तथा मैं अपना पद छोड़ने की पहल करती हूँ."

हार की ज़िम्मेदारी

इसके बाद प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि सरकार के स्तर पर जो कमियाँ रह गईं वह उनकी ज़िम्मेदारी लेते हैं.

डॉक्टर सिंह के अनुसार मूल्य वृद्धि और भ्रष्टाचार के मसले पर जिस तरह की परिस्थितियाँ बनीं सरकार शायद उसका उत्तर नहीं दे सकी.

बताया गया कि राहुल गांधी ने भी त्याग पत्र की पेशकश की थी मगर उसे भी सर्वसम्मति से अस्वीकार कर दिया गया.

द्विवेदी के अनुसार, "राहुल गांधी ने कहा कि मुझसे जो अपेक्षाएँ थीं वो मैं भी पूरी नहीं कर सका इसलिए मैं जवाबदेही की शुरुआत करता हूँ और उन्होंने भी त्यागपत्र की पहल की. इसके बाद पूरी कार्यसमिति ने एक राय से इस पर चर्चा करने से मना किया. उन्होंने कहा कि आपके त्याग पत्र से समस्या का हल नहीं निकलेगा."

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