बदायूं: नेताओं का पहुंचना जारी, लखनऊ में प्रदर्शन

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उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले में दो नाबालिग़ों के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या की घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन किया.

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान पीड़ितों के परिजनों से मिलने बदायूं पहुंचे.

भाजपा के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यालय के सामने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किए. पुलिस को उन्हें रोकने और तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया.

इस बीच, सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा है कि पार्टी की प्रदेश इकाई की मांग है कि बिगड़ती कानून-व्यवस्था में सुधार के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय हस्तक्षेप करे.

गंभीर स्थिति

विरोध प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की अगुआई कर रहे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यहां महिलाओं के खिलाफ़ अपराध गंभीर स्तर पर पहुंच गए हैं और अखिलेश के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी की सरकार इसे रोकने में विफल रही है.

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उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता ऐसे अधिकतर अपराधों में शामिल पाए गए हैं, इसलिए पुलिस भी अब उनके खिलाफ़ कार्रवाई नहीं करती.

बाजपेयी ने कहा, "स्थिति बेहद गंभीर है." उन्होंने आगे बताया कि जल्द ही इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भेजी जाएगी.

उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बदायूं गांव में पीड़ितों के परिजनों से अब तक मिलने नहीं आने पर भी सवाल खड़े किए.

'मिलीभगत'

भाजपा की महिला मोर्चा ने भी सोमवार को मुख्यमंत्री के कार्यालय के सामने विरोध दर्ज किया और इस मामले में जांच की मांग की है.

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रामविलास पासवान ने परिजनों को आश्वासन दिया कि वे इस मुद्दे पर उनकी मांगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने रखेंगे. साथ ही उन्होंने इसे मंत्रिमंडल में भी उठाने का आश्वासन दिया.

उन्होंने कहा कि कहीं यह अपराधियों और राज्य सरकार के बीच किसी 'मिलीभगत' का संकेत तो नहीं?

लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान के साथ वहां पहुंचे उनके सांसद बेटे चिराग पासवान के मुताबिक़ ये मुलायम सिंह यादव के बयान का नतीजा है.

चिराग पासवान के तीर

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उन्होंने कहा कि कहीं मुलायम सिंह यादव के बयान से उत्तर प्रदेश के अपराधियों को शह तो नहीं मिल रही?

मुलायम सिंह यादव ने अप्रैल में अपनी एक चुनावी रैली में बलात्कार के लिए मौत की सज़ा पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लड़कों से ऐसी ग़लतियां हो जाती हैं.

उन्होंने मुरादाबाद की रैली में कहा था, "लड़के, लड़के हैं, ग़लती हो जाती है."

स्थायी पुलिस कैंप

पासवान का कहना था कि पीड़ितों का परिवार डरा हुआ है. उन्होंने गांव में स्थायी पुलिस कैंप की मांग भी की.

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री को यहां आना चाहिए और निर्भया मामले की ही तरह इस मामले में त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए. पासवान ने दोषियों को तुरंत कार्रवाई किए जाने और कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की.

इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, बदायूं से समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने रविवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी.

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