भारतीय शेयर बाज़ार में बड़ी गिरावट

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भारत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स शुक्रवार को शुरुआती बढ़त क़ायम रखने में नाकाम रहा और 348 अंकों की गिरावट के साथ 25,228.17 अंकों पर बंद हुआ. ये चार महीनों के दौरान एक दिन में हुई सबसे बड़ी गिरावट है.

इराक़ में जारी तनाव और बढ़ती कच्चे तेल की क़ीमतें के मद्देनज़र ये गिरावट दर्ज की गई है.

निवेशकों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ी हुई क़ीमत अगर कायम रहती है तो भारत के सब्सिडी बिल और व्यापार घाटे में वृद्धि होगी.

आशाओं पर सवार शेयर बाज़ार में उछाल बरक़रार

ब्लू चिप्स के अलावा, एक्सिस बैंक के शेयर में 3.1 फीसदी जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 1.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

सकारात्मक खुदरा महंगाई और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आंकड़ों के दम पर सेंसेक्स शुक्रवार सुबह 25,688.31 अंकों तक पहुँच गया था, लेकिन दोपहर डेढ़ बजे तक 357.29 अंकों (1.4 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 25,218.92 के स्तर पर पहुँच गया.

गिरावट की वजह

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रियल स्टेट, कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स, सार्वजनिक क्षेत्रों की इकाइयों, पॉवर, कैपिटल गुड्स, तेल और गैस, धातु और एफएमसीजी क्षेत्र के शेयरों समेत सभी क्षत्रों में 5.06 तक की गिरावट दर्ज की गई है.

तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक इससे पिछले सत्र में करीब 110 अंक ऊपर चढ़ गया था.

शेयर बाज़ार के जानकारों ने कहा कि फंडों की मुनाफ़ा वसूली की वजह से शुरुआती बढ़त का ट्रेंड अब उलट गया है.

इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में रुपए की कमज़ोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी मुंबई के सेंसेक्स को प्रभावित किया है.

रुपए की क़ीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में डॉलर के मुकाबले 59.76 पर पहुँच गई है. यह क़ीमत मई 2013 से अब तक न्यूनतम स्तर पर रही कीमत 59.80 से भी कम है.

कारोबारियों का मानना है कि रुपए की क़ीमत आने वाले वक्त में 59-60 के बीच बनी रहेगी.

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी शुरुआती कारोबार में 7,678.50 अंकों तक बढ़त बनाने के बाद 102.10 अंक या 1.33 प्रतिशत लुढ़ककर 7,547.80 अंक तक पहुँच गया.

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