क्रॉस वोटिंग के बीच नीतीश की नाक बची

  • 19 जून 2014
बिहार नेता नीतीश कुमार Image copyright AFP

बिहार में चर्चित राज्यसभा उपचुनाव में जनता दल यूनाइटेड के दोनों प्रत्याशियों ने जीत हासिल की.

जदयू के दोनों प्रत्याशियों गुलाम रसूल बलियावी और पवन वर्मा को जहां 122 मत मिले वहीं दोनों निर्दलीय प्रत्याशी साबिर अली और अनिल शर्मा 108 विधायकों का समर्थन ही जुटा पाए. दोनों सीटों के लिए अलग-अलग चुनाव हुए.

बिहार राज्यसभा उपचुनाव के लिए हुए मतदान में कुल 230 विधायकों ने हिस्सा लिया.

जदयू प्रत्याशियों को राजद, कांग्रेस, सीपीआई और दो निर्दलीय विधायकों ने समर्थन देने की घोषणा की थी. विधानसभा में राजद के 21, कांग्रेस के चार और सीपीआई के एक विधायक हैं.

ऐसे में जदयू के 116 (अध्यक्ष छोड़कर) विधायकों को मिलाकर जदयू प्रत्याशियों के पास कुल 143 विधायकों का समर्थन था. लेकिन उन्हें केवल 122 मत ही मिले.

वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों को केवल 84 विधायकों वाली भाजपा और कुछ निर्दलीय विधायकों का ही समर्थन प्राप्त था. लेकिन उन्हें 108 मत मिले.

क्रॉस वोटिंग

जदयू प्रत्याशियों को मिले कम समर्थन से यह साबित होता है कि चुनाव के दौरान कई विधायकों ने पार्टी के फैसले के खिलाफ जाते हुए क्रॉस वोटिंग की.

अनुमान लगाया जा रहा है कि जदयू के 17 और राजद और कांगेस के दो-दो विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की.

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मतगणना के बाद हार स्वीकार करते हुए विधानसभा परिसर में निर्दलीय प्रत्याशी साबिर अली ने यह आरोप लगाया कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने उन्हें समर्थन का भरोसा दिया था लेकिन वे अपने वादे से मुकर गए.

वहां मौजूद जदयू के बागी विधायकों का नेतृत्व कर रहे विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने भी सााबिर अली के आरोपों का समर्थन किया.

वहीं दूसरी ओर बागी विधायकों पर कार्रवाई की मांग करते हुए जदयू कार्यकर्ताओं ने गुरुवार शाम ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू और दीघा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाली विधायक और जदयू नेता पूनम देवी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका.

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