यूजीसी ने दी डीयू को चेतावनी

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय को नए अकादमिक सत्र में छात्रों को तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में दाख़िला देने का निर्देश दिया है.

मौजूदा चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पर ख़ासा विवाद रहा है. यूजीसी के इस फ़ैसले का छात्रों और शिक्षकों ने स्वागत किया है.

यूजीसी ने इस आदेश का पालन करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय को मंगलवार दोपहर तक का समय दिया है.

यूजीसी ने यह भी कहा है कि आदेश की अवहेलना करने पर दिल्ली विश्वविद्यालय के तहत आने वाले सभी 64 कॉलेज़ को मिलने वाली आर्थिक मदद बंद की जा सकती है.

चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पिछले वर्ष ही आरंभ किया गया था. शिक्षकों और छात्रों ने इसका विरोध किया था लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय अपने रुख़ पर क़ायम रहा था.

मंगलवार से ही स्नातक पाठ्यक्रमों में दाख़िले शुरू हो रहे हैं.

यूजीसी का कड़ा रवैया

यूजीसी ने एक बयान में कहा है, ''दिल्ली विश्वविद्यालय या इसके तहत आने वाला कोई कॉलेज़, अकादमिक सत्र 2014-15 के लिए चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में छात्रों को किसी भी सूरत में दाख़िला नहीं देगा.''

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Image caption भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि सरकार बनने पर चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम को ख़त्म कर दिया जाएगा

इसमें चेतावनी दी गई है, ''दिल्ली विश्वविद्यालय या इसके तहत आने वाले किसी कॉलेज़ ने निर्देश की अवहेलना की तो इसे यूजीसी अधिनियम 1956 का उल्लंघन माना जाएगा.''

यूजीसी ने यह भी कहा है कि चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में बीते साल दाख़िला ले चुके छात्र तीन वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के तहत अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे.

यूजीसी की इस सख़्त पहल के साथ ही उन छात्रों और शिक्षकों के आंदोलन पर विराम लग गया है जो चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम को ख़त्म करने की मांग कर रहे थे.

सांविधिक निकाय के तौर पर काम करने वाले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का काम भारत में विश्वविद्यालयों को धन उपलब्ध कराना, उच्च शिक्षण संस्थानों में समन्वय स्थापित करना और शिक्षा के स्तर पर ध्यान देना है.

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