चेन्नईः मलबे में फंसे सौ से ज़्यादा लोग, अब तक 11 की मौत

चेन्नई में निर्माणाधीन इमारत जो 28 जून की शाम को ढह गई. इमेज कॉपीरइट Reuters

चेन्नई के पोरुर इलाक़े में शनिवार शाम ढही बहुमंज़िला इमारत के मलबे में सौ से ज़्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है. अभी तक 21 मज़दूरों को बाहर निकाल लिया गया है.

इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है. बीस घायल हैं.

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने पीड़ितों के परिजनों को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है.

साथ ही मृतकों के शवों को घर तक ले जाने के लिए परिजनों को निःशुल्क यातायात की सुविधा मुहैया कराई जा रही है.

चेन्नई के पुलिस आयुक्त एस जॉर्ज ने पहले बताया था कि निर्माणाधीन इमारत के गिरने से अब तक 10 लोगों की मौत हो गई है. हालांकि उन्होंने कहा कि अभी इस बात की ठीक-ठीक जानकारी नहीं है कि इमारत में कितने लोग फंसे हुए हैं.

एस जॉर्ज ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) की मदद ली जा रही है, जो अराकोणम से मौके पर पहुंचने वाली है.

पुलिस और बचाव दल के आने से पहले स्थानीय लोगों मौक़े से छह या सात लोगों को बचाने में कामयाब रहे.

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इमारत में फंसे लोगों में ज़्यादातर आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल से आए मज़दूर बताए जाते हैं.

इस घटना पर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने बिल्डर के ख़िलाफ़ कार्रवाई का वादा किया है.

एक बयान में उन्होंने कहा, "मैं इस बिल्डिंग के गिरने से स्तब्ध हूं. सभी प्रमुख अधिकारियों को मौक़े पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं. दमकल विभाग की 12 गाड़ियों और एंबुलेंस को मौक़े पर भेजा गया है और एनडीआरएफ़ की मदद ली जा रही है. "

राजधानी दिल्ली के इंद्रलोक इलाक़े में भी शनिवार को एक करीब 50 साल पुरानी एक इमारत के गिरने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दिल्ली में हुए हादसे में मरने वालों में तीन महिलाएं और पांच बच्चे शामिल थे.

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