'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' कहने पर रासुका में केस

  • 2 जुलाई 2014
पाकिस्तानी झंडा Image copyright Reuters

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली ज़िले में एक व्यक्ति को 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' का नारा लगाने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस ने इस शख़्स के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून (एनएसए) की धाराएं भी लगाई हैं.

शामली के ज़िलाधिकारी नगेंद्र पाल के मुताबिक़ महमूद आलम को स्थानीय लोगों की शिकायत पर गिरफ़्तार किया गया.

उन्होंने बताया, "महमूद आलम ने थाने के बाहर 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' के नारे लगाए, जिसकी वजह से उन पर एनएसए के तहत केस दर्ज किया गया."

उन्होंने कहा कि 'वह मेरठ-करनाल हाइवे पर आरटीओ बनकर राहगीरों से वसूली कर रहा था.'

स्थानीय मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक़ आलम ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ भी नारेबाज़ी की थी लेकिन थाना प्रभारी बीके सिंह यादव ने इसका खंडन किया है.

यह पूछे जाने पर कि क्या सिर्फ़ नारेबाज़ी की वजह से किसी के ख़िलाफ़ इतनी सख़्त धाराएं लगाई जा सकती हैं, यादव ने कहा कि "वह थाने के सामने ही बेहद जज़्बाती होकर 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' के नारे लगा रहा था. पुलिस को लगा कि उस पर एफ़आईआर होनी ही चाहिए. आगे का फ़ैसला अदालत करेगी."

इसी साल मार्च में यूपी पुलिस ने एक निजी यूनिवर्सिटी के 67 कश्मीरी छात्रों पर भी पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाज़ी करने के आरोप में देश से ग़द्दारी का मुक़दमा दर्ज किया था. हालांकि विरोध के बाद यह केस वापस ले लिया गया था.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप बीबीसी हिंदी से फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ सकते हैं.)

संबंधित समाचार