महाराष्ट्र: तार चोरों के कारण बिजली संकट

मुंबई में ट्रांसफॉर्मर, महिला मिस्त्री इमेज कॉपीरइट MSEDCL
Image caption (फाइल फ़ोटो)

पश्चिम महाराष्ट्र के बारामती इलाक़े में पिछले कुछ महीनों में चोरों की वजह से सैकड़ों ट्रांसफार्मर ख़राब हो गए हैं. वहीं इस इलाक़े के किसान कम बारिश के बाद बिजली की कमी से परेशान हो गए हैं.

इस इलाक़े में 13 अप्रैल से 14 जुलाई के बीच कुल 450 ट्रांसफॉर्मर, तार चोरी किए जाने के कारण ख़राब हो चुके हैं.

महाराष्ट्र राज्य बिजली आपूर्ति मंडल के जनसंपर्क अधिकारी नागनाथ इरवाड़कर ने बीबीसी हिन्दी से बताया कि इन ट्रांसफॉर्मरों में लगे तांबे के तारों के लिए ये चोरियाँ की जाती हैं.

वे बताते हैं, "एक ट्रांसफार्मर में लगे तार की क़ीमत बाज़ार में लगभग 30 हज़ार रुपए होती है. चोर तार निकालकर ट्रांसफार्मर छोड़ देते हैं, मगर इससे ट्रांसफार्मर पूरी तरह से ख़राब हो जाते हैं."

किसी एक क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर ट्रांसफार्मरों के तारों की चोरी की घटना महाराष्ट्र में पहली बार हुई है.

बारिश के बाद बिजली की किल्लत

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इरवाड़कर के अनुसार पिछले नौ महीनों में बारामती में ऐसे 450 ट्रांसफार्मर चोरी हुए हैं, जिनसे लगभग 13 करोड़ 50 लाख रूपए की क़ीमत की तार चुराई गई हैं.

बारामती क्षेत्र की छह तहसीलों में चोरी का यह सिलसिला जारी है. इससे सबसे अधिक प्रभावित इंदापुर, बारामती, दौंड, शिरूर, पुरंदर और भोर तहसील हैं.

अकेले शिरूर तहसील में 200 ट्रांसफार्मरों और दौंड में 150 ट्रांसफार्मरों के तार चोरी हो गए हैं.

हालांकि हर चोरी के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है लेकिन अबतक पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है.

महाराष्ट्र का ये इलाक़ा कृषि क्षेत्र है. यहाँ के किसान मुख्य तौर पर गन्ना और अन्य नगद फसल का उत्पादन करते हैं.

अभी तक हुई कम बारिश के कारण इलाक़े के किसान पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं. अब बुवाई के समय में बिजली कटौती से उनकी मुसीबत और बढ़ गई है.

लेकिन जब तक पुलिस इन चोरों का पता नहीं लगा लेती बारामती की जनता और किसानों को शायद अंधेरे में ही रहना पड़ेगा.

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