मोदी का बजट: क्या समस्याएं, क्या उपाय

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आम चुनावों के बाद पहली बार बजट पेश कर रही भाजपा सरकार के सामने बढ़ते वित्तीय घाटा और अर्थव्यवस्था के कमज़ोर होने जैसी कई चुनौतियां हैं. किन-किन चुनौतियों पर गौर कर सकती है सरकार और उसके लिए क्या क़दम उठा सकते हैं वित्त मंत्री

मुख्य चुनौतियां

  • सरकार की मुख्य चुनौती आर्थिक विकास को आगे बढ़ाना है.
  • महंगाई के स्तर को कम करना है.
  • आर्थिक विकास के लिए होने वाला निवेश नोट छापकर नहीं किया जा सकता है. ऐसे में नया कर लगाने और नोट छापे बग़ैर आर्थिक विकास की है चुनौती.
  • नोट छापने की प्रक्रिया में कमी लाने पर भी यह चुनौती है कि पैसा कहां से लाया जाए.
  • सरकार के सामने निवेश की बड़ी चुनौती है. विदेशी निवेश में कमी के साथ कर्ज़ का बोझ भी है.
  • खर्चों की गुणवत्ता सुधारना भी सरकार के लिए है अहम

क्या कदम उठाने की ज़रूरत है.

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  • सरकार को खपत में लानी होगी कमी.
  • कर राजस्व इतनी जल्दी नहीं बढ़ सकता है ऐसे में सरकार को अपने अनुत्पादक खर्च को चिन्हित करना चाहिए.
  • केंद्र सरकार का लगभग तिहाई या आधा पैसा केवल सरकारी कर्मचारियों के वेतन को पोषित करने में जाता है. अगर सरकार इस दिशा में कोई क़दम उठा सकें या 7वें वेतन आयोग पर बंदिश लगा सकें तो अच्छा होगा.
  • आर्थिक समीक्षा में सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक संपत्तियों, रेलवे, राजमार्गों, बंदरगाहों पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा. मेरा मानना है कि मनरेगा और खाद्य सब्सिडी योजना के बजाय राजमार्ग पर ज़्यादा खर्च करना वाजिब होगा.
  • सरकार अगर आयकर में रियायत दें तो वस्तुओं की मांग बढ़ेगी और विनिर्माण क्षेत्र में सुधार आएगा.

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