बजट 2014: बदलेगी मोबाइल की दुनिया?

नरेंद्र मोदी सरकार के पहले बजट में टेक्नॉलॉजी की दुनिया के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई है.

गांवों तक ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाने की पुरानी योजना को ज़ोर देने की कोशिश की गई है.

एनिमेशन और गेमिंग पर एक नेशनल सेंटर बनाने की भी योजना है.

ऑनलाइन विज्ञापनों पर सर्विस टैक्स लगाने की भी योजना है, जिसका इंटरनेट संगठनों ने विरोध किया है.

आइए जानते है टेक्नॉलॉजी के लिए क्या खास है इस बजट में –

#नए उद्यमों के लिए ‘स्टार्टअप विलेज’ – स्टार्ट-अप विलेज यानी नए उद्यम खोलने में मदद करने वाली संस्थाएं स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा. उद्यमिता विकास के लिए नए केंद्र खोले जाने का भी प्रस्ताव है.

#कुछ गैजेट होंगे सस्ते – मोबाइल फ़ोन सस्ते होंगे. कलर टीवी पर टैक्स कम किया जाएगा, साथ ही 19 इंच तक के एलसीडी और एलइडी टीवी भी सस्ते होंगे. कंप्यूटर पार्ट्स पर आयात कर खत्म किए जाएंगे, जिससे भारत में असेंबल किए जाने वाले कंप्यूटर सस्ते होंगे.

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#कुछ चीज़े होंगी महंगी – घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए टेलिकॉम उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी दस प्रतिशत बढ़ाया गया है. आशंका व्यक्त की जा रही है कि आगे जाकर इससे टेलिकॉम सेवाएं महंगी हो सकती है. रेडियो टैक्सी सेवाएं भई महंगी होंगी

#सैटेलाइटों की उड़ान – मंगल ग्रह से जानकारी जुटाने के लिए अंतरिक्ष में पहुंची ‘मार्स ऑरबिटर’ सितंबर के अखिरी सप्ताह तक अपने मुकाम पर पहुंच जाएगा. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि भारत आगे और भी जीएसएलवी रॉकेट लॉन्च करेगा.

#पूंजी निवेश – बजट घोषणा के अनुसार नए उद्यमों की मदद के लिए दस हज़ार करोड़ रुपए निवेश किए जाएंगे. इससे उद्यमिता विकास को भी मदद मिलेगी.

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#अनुसूचित जातियों के उद्यमियों के लिए पूंजी – इस बजट में अनुसूचित जातियों के उद्यमियों की मदद के लिए दो सौ करोड़ रुपए की पूंजी निवेश को मंज़ूरी दी गई है. निवेश की देख-रेख करने की ज़िम्मेदारी आईएफसीआई को मिलेगी.

# ई-कॉमर्स में एफ़डीआई आसान हुआ – वित्त मंत्री ने कहा है कि निर्माण क्षेत्र की कंपनियों को बग़ैर किसी अतिरिक्त अनुमति के साथ ई-कॉमर्स के ज़रिए खुदरा बिक्री करने दिया जाएगा. इससे निर्माण क्षेत्र के उत्पादों की फ्लिपकार्ट, अमेज़न और स्नैपडील जैसे ऑनलाइन साइटों पर बिक्री आसान होगी.

#मिडिल क्लास के लिए ‘स्मार्ट शहरों’ का निर्माण – देश की सौ शहरों को तमाम नागरिक सुविधाओं वाला स्मार्ट शहर बनाने के लिए 7,060 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है. इन शहरों में नागरिक सुविधाओं के लिए उच्च तकनीक का इस्तेमाल किया जाना है. हालांकि इसके लिए प्रस्तावित प्रति शहर धनराशि क़रीब 70 करोड़ है, जिसे काफ़ी कम माना जा रहा है.

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#ऑनलाइन विज्ञापन पर लगेगा सर्विस टैक्स – ऑनलाइन और मोबाइल विज्ञापन सेवाओं को सेवा कर के दायरे में आएगा. इससे नए और छोटे उद्यमों को नुकसान होगा, खासकर उन्हें जो ऑनलाइन विज्ञापनों के भरोसे ही चल रहे हैं.

#ऑनलाइन भुगतान सेवाएं – नई सरकार की योजना के अनुसार ‘सिंगल-विंडो’ ऑनलाइन भुगतान सेवा शुरू की जाएगी जिसपर सभी बिलों का भुगतान किया जाना संभव होगा.

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