छत्तीसगढ़ः लड़कियों को स्नातक तक की शिक्षा मुफ़्त

प्रेम प्रकाश पांडे, शिक्षा मंत्री, छत्तीगढ़

छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में लड़कियों के लिए अब स्नातक तक की पढ़ाई मुफ़्त में होगी. छत्तीसगढ़ सरकार ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की.

राज्य में 12वीं तक लड़कियों के लिए मुफ़्त शिक्षा की सुविधा पहले से ही लागू है.

'शिक्षा का अधिकार' योजना

राज्य में कुल सरकारी कॉलेजों की संख्या 208 है, जिनमें लगभग 80 हज़ार लड़कियां पढ़ती हैं.

राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय के अनुसार, "मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इसी साल बजट भाषण में इस बात की घोषणा की थी. अब लड़कियों के लिये उच्च शिक्षा की राह आसान हो जाएगी."

न कोई फ़ेल होगा, न देगा 'कैपिटेशन' फ़ीस

सरकार की इस सुविधा का लाभ इंजीनियरिंग की छात्राओं को भी मिलेगा.

तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव अमित अग्रवाल के अनुसार, रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में लगभग सात सौ छात्राएं पढ़ रही हैं. इनमें से प्रत्येक छात्रा को हर साल लगभग 18 हज़ार रुपये की फीस देनी होती थी.

महिला शिक्षा का हाल

Image caption कॉलेजों में दाखिला लेने वाली लड़कियों की संख्या में भी 2006-07 से 2011-12 तक एक फीसदी की भी बढ़ोत्तरी नहीं हुई.

2011 की जनगणना को देखें तो छत्तीसगढ़ में 18 से 23 साल की उम्र के युवाओं की संख्या 29.97 लाख है, जिसमें लड़कियों की संख्या 14.93 लाख के आसपास है. राज्य में लड़कियों का उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात 11.4 है.

इसी तरह मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 1991-2001 के बीच छत्तीसगढ़ में स्त्री साक्षरता की वृद्धि दर 24.33 थी, जो 2001-2011 में घट कर 8.74 रह गई.

एएमयू छात्राओं को राहत, पाबंदियां हटीं

बिलासपुर के एक स्थानीय महाविद्यालय में पढ़ाने वाले डॉक्टर शोभित वाजपेयी कहते हैं, “लड़कियों को मुफ़्त शिक्षा की सरकारी पहल का असर साक्षरता दर पर भी पड़ेगा और पैसों की कमी के कारण आगे पढ़ाई नहीं कर पाने वाली लड़कियां भी उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित होंगी.”

रायपुर के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाली शेफाली मिश्रा ने कहा, “यह हमारी जैसी उन लड़कियों के लिए बेहद राहत की ख़बर है.”

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