दिल्ली रेप: दो की मौत की सज़ा पर रोक

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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के बहुचर्चित गैंगरेप मामले में दो दोषियों की मौत की सज़ा पर रोक लगा दी है.

इस मामले में दोषी ठहराए गए विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट से उनकी फांसी की सज़ा पर रोक लगाने की मांग की थी.

16 दिसंबर 2012 की रात को हुई इस घटना में प्रमुख अभियुक्त राम सिंह की दिल्ली के तिहाड़ जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी.

इस मामले में निचली अदालत ने अक्षय ठाकुर, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और मुकेश को मौत की सज़ा सुनाई थी.

इसी साल 13 मार्च को दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले के चार दोषियों को निचली अदालत से मिली मौत की सजा को बरकरार रखा था.

फ़ैसले का इंतज़ार

बचाव पक्ष के वकीस एपी सिंह के मुताबिक, "सुप्रीम कोर्ट ने अक्षय और विनय की मौत की सज़ा पर तब तक के लिए रोक लगाई है जब तक कि इससे संबंधित एक अन्य मामले में अंतिम फ़ैसला नहीं आ जाता. दो अभियुक्तों की मौत की सज़ा पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही रोक लगा रखी है. उस मामले की तीन जजों की बेंच सुनवाई करेगी. "

अदालत ने दिल्ली में हुई इस घटना को जघन्यतम अपराधों में से एक माना था.

घटना के विरोध में दिल्ली समेत देश भर में व्यापक प्रदर्शन हुए थे.

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