'बहुत ख़तरनाक़ आदमी को पीएम चुना'

पाकिस्तानी संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद इमेज कॉपीरइट AFP

पाकिस्तानी संगठन जमात उद दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद से मुलाक़ात की वजह से विवादोंमें घिरे भारतीय पत्रकार वेद प्रताप वैदिक का दावा है कि उन्होंने अपनी जान पर खेलकर भारत के लिए बहुत बड़ा काम किया है.

इस महीने की शुरुआत में वैदिक, 26/ 11 मुंबई हमलों के कथित मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद से लाहौर में मिले थे जिस पर सोशल मीडिया में काफ़ी चर्चा हो रही है.

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों अमरीका ने जमात उद दावा पर प्रतिबंध भी लगाया था.

वेद प्रताप वैदिक को योग गुरु बाबा रामदेव का क़रीबी बताया जाता है. ख़बरों के मुताबिक रामदेव ने इस मुलाक़ात का बचाव किया है.

बीबीसी हिंदी से बातचीत में वैदिक ने कहा, "मैंने कौन सा अपराध किया है कि कोई मेरा बचाव करेगा? मैं तो समझता हूं कि मैंने अपनी जान पर खेलकर भारत के लिए बहुत बड़ा काम किया है. दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध बनाने के लिए नेक काम किया है. मेरा बचाव करने की किसी को ज़रूरत नहीं है."

वेद प्रताप वैदिक ने इस बात से भी इंकार किया है कि 26/ 11 मुंबई हमलों के कथित मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद से उनकी मुलाक़ात भारत सरकार की पहल पर हुई थी.

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Image caption भारतीय पत्रकार वेद प्रताप वैदिक(दाएं) और हाफ़िज़ सईद की मुलाक़ात पर विवाद उठ खड़ा हुआ है.

उनका कहना है कि कि 'भारत सरकार तो क्या, ख़ुद उनको भी पहले से इस मुलाक़ात के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.'

बीबीसी हिंदी से फोन पर बातचीत में वैदिक ने बताया कि एक टीवी इंटरव्यू के दौरान उनसे हाफ़िज़ सईद से मुलाक़ात के बारे में पूछा गया और उनके ऐतराज़ न होने पर ये मुलाक़ात आयोजित करवाई गई.

वेद प्रताप वैदिक ने कहा, "भारत सरकार ही क्या, ख़ुद मुझे भी इस बारे में जानकारी नहीं थी. एक जुलाई की रात को मुझे बताया गया और दो जुलाई को उनसे मिलकर मैं भारत वापस आ गया. और भारत सरकार से मेरा क्या लेना-देना है?"

वैदिक ने कहा कि सईद से मुलाक़ात की शुरूआत तनावपूर्ण थी लेकिन फिर धीरे धीरे बातचीत का सिलसिला चल निकला.

वैदिक के मुताबिक़ हाफ़िज़ सईद ने उनसे भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कई सवाल किए.

उन्होंने बताया कि सबसे पहले हाफ़िज़ सईद ने कहा कि 'नरेंद्र मोदी एक ख़तरनाक़ व्यक्ति हैं और भारत ने उन्हें अपना प्रधानमंत्री चुन लिया है.'

अपने जवाब में वैदिक ने कहा, "मैंने उनसे (हाफ़िज़ सईद) कहा कि मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान एक बार भी मुसलमानों, पाकिस्तान या इस्लाम के ख़िलाफ़ कभी कुछ नहीं कहा. इसलिए आपको उनसे अच्छी उम्मीद करनी चाहिए."

वैदिक के मुताबिक़ उन्होंने सईद का ध्यान इस तरफ़ इंगित करवाया कि ये पहली बार है कि भारत की किसी सरकार ने इतने अहम मौक़े - सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया था जिससे ही ये साबित होता है कि वो पाकिस्तान के साथ किस तरह के संबंध रखना चाहती है.

उसपर हाफ़िज़ सईद ने जवाब दिया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को तो भारत बेइज्ज़त करने के लिए बुलााया गया था.

वैदिक के मुताबिक़ उनका जवाब था कि ये सब मीडिया के भीतर कहा जा रहा है कि शरीफ़ पर भारत की तरफ़ से दबाव बनाया गया लेकिन इस तरह की कोई बात नहीं थी.

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