हिंसा के बाद अमरनाथ यात्रा फिर शुरू

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भारत प्रशासित कश्मीर में हिंदुओं की धार्मिक अमरनाथ यात्राफिर से बहाल हो गई है. इलाके में तैनात अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को हिंसा के चलते यात्रा बाधित रही थी.

दरअसल, बालटाल स्थित शिविर में हिंदू समुदाय के लोगों ने एक खच्चर वाले मुस्लिम को कथित तौर पर चाकू मार दिया था, जिसके बाद दोनों समुदाय के लोगों के बीच हिंसक झड़प हो गई.

पुलिस के मुताबिक खच्चर चलाने वालों की आक्रोशित भीड़ ने कई पंडाल और टेंट को ध्वस्त कर दिया.

शिविर और उसके आसपास के इलाकों में शांति बहाल करनेके लिए पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को आंसू गैस और हवाई फ़ायरिंग का सहारा लेना पड़ा.

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, "सोनमर्ग में पड़ने वाले बालटाल के डुमैल में हिंसा की घटना हुई थी. जहां लंगरवालों और खच्चर वालों के बीच झड़प हो गई थी. सीआरपीएफ की स्थानीय टुकड़ी ने जब मामले में दखल देने की कोशिश की तब ये झड़प देखते देखते हिंसा में तब्दील में हो गई."

मामूली झड़प

बालटाल के एक स्थानीय शख़्स ने बीबीसी को बताया, "कठुआ के एक लंगर वाले ने एक मुस्लिम खच्चर वाले को चाकू मार दिया और उसकी बुरी तरह पिटाई की. हम दोषी के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. हम यात्रा में बाधा नहीं डाल रहे हैं."

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ये झड़प मामूली थी और यात्रा फिर से बहाल हो गई है.

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हालांकि जम्मू में इस झड़प का असर देखने को मिला और शनिवार को हिंसा के विरोध में कई दुकानें बंद रहीं. हालांकि सरकारी दफ़्तरों और बैंकों पर इस बंद का असर नहीं दिखा.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस विरोध प्रदर्शन के दौरान जम्मू में जनजीवन सामान्य है और कहीं से किसी तरह की हिंसा की कोई ख़बर नहीं है. हर साल हिमालय पर्वत पर समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ में हजारों हिंदू शिव दर्शन को पहुंचते हैं.

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