बलात्कार, हत्या के बाद पसरा है सन्नाटा

इमेज कॉपीरइट AFP

लखनऊ-रायबरेली सड़क पर एक बड़ी आवासीय योजना के सेक्टर 16 में रहने वाले अधिकतर लोग मध्यमवर्ग के हैं.

इसी इलाक़े में एक मंदिर के निकट किराए के मकान में वो महिला रहती थी जिसे चार दिन पहले बलात्कार के बाद मार दिया गया था. उस एक कमरे में वो औरत अपनी 13 साल की बेटी और छह साल के बेटे के साथ किराए पर रहती थी.

उस कमरे पर अब ताला पड़ा है. उसके बच्चों को उनके चाचा अपने साथ देवरिया ले गए हैं. बंद दरवाज़े के पीछे उस औरत की ज़िंदगी के जो भी निशान होंगे उसका केवल अंदाज़ा भर लगाया जा सकता है.

मकान मालिक इस विषय में ना तो कोई बात करने को तैयार हैं और ना ही कोई फ़ोटो खींचने की इजाज़त दे रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

प्रदेश की राजधानी से सिर्फ़ 30 किलोमीटर दूर मोहनलालगंज क्षेत्र में दो बच्चों की माँ के बलात्कार के बाद लखनऊ शहर की ख़ामोशी परेशान करती है.

पुलिसकर्मी निलंबित

कुछ नेटीज़ेन उस मृत महिला की नग्न तस्वीर फ़ेसबुक पर देख रहे हैं. जिन लोगों ने वो तस्वीर अपलोड की है उनमें कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. रविवार को छह पुलिस कर्मियों को इस आरोप में निलंबित कर दिया गया.

पुलिस के अनुसार ऐसे 50 लोगों को चिन्हित कर लिया गया है जिन्होंने फ़ोटो शेयर की है.

इमेज कॉपीरइट bbc

मृतक महिला के 55 वर्षीय शिक्षक पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने जीवन में बहुत संघर्ष किया था.

'संघर्ष भरा जीवन'

महिला के पिता का कहना था, "शादी के समय ही उसके पति की सेहत ठीक नहीं थी लेकिन उसके ससुराल वालों ने यह नहीं बताया कि उसका एक गुर्दा ख़राब है. पहले तो लड़के की माँ ने और फिर हमारी लड़की ने उसे अपना गुर्दा दिया जिससे वह दस साल ज़िंदा रहा. लेकिन नवम्बर 2011 में उसकी मृत्यु हो गई."

उन्होंने बताया कि पति की मृत्यु के बाद ससुराल वालों की तरफ़ से महिला को कोई ख़ास मदद नहीं मिली, जिसके कारण उसे अकेले बच्चों की ज़िम्मेदारी उठानी पडी.

महिला के पिता चाहते हैं कि सरकार बच्चों को जो भी आर्थिक मदद दे वह ऐसी हो कि बच्चों के बालिग़ होने के बाद ही उनको मिले नहीं तो "उनका चाचा के पास पूरा पैसा चला जाएगा और कहीं इस्तेमाल भी न हो जाए".

एडीजी सुतपा सान्याल, जो इस मामले की जांच कर रही हैं, उन्होंने रविवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि रामसेवक यादव नाम के चौकीदार ने अकेले ही इस घटना को अंजाम दिया था.

सान्याल ने बताया कि रामसेवक यादव को गिरफ़्तार कर लिया गया है. पुलिस ने जांच के बाद आरोप लगाया है कि गिरफ़्तार व्यक्ति के शरीर पर नाख़ून से नोचने के निशान हैं जो फॉरेंसिक एक्सपर्ट के अनुसार तीन-चार दिन पुराने हैं.

तीस वर्षीय महिला गोरखपुर की रहने वाली थी और लखनऊ स्थित संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ में कॉंट्रैक्ट पर काम करती थी.

उधर बालसिंघखेड़ा गाँव के प्राइमरी स्कूल में, जहां उस महिला की हत्या हुई थी, पिछले दो दिन से बच्चे नहीं जा रहे हैं क्योंकि वे बेहद डरे हुए हैं.

(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप हमसे फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी जुड़ सकते हैं.)

संबंधित समाचार