मेरे पास कहने को कुछ नहीं: मनमोहन सिंह

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पू्र्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू के आरोपों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

जस्टिस काटजू ने दावा किया है कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र की पिछली यूपीए सरकार के दौरान तमिलनाडु में ज़िला अदालत के एक जज पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप होने के बावजूद उन्हें मद्रास हाई कोर्ट का एडिशनल जज बनाया गया और इस बारे में तीन पूर्व मुख्य न्यायाधीशों को भी पता था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ मंगलवार को इस मुद्दे पर टिप्पणी के लिए जब मनमोहन सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है क्योंकि पूर्व क़ानून मंत्री एचआर भारद्वाज पहले ही सफ़ाई दे चुके हैं.

मार्कंडेय काटजू ने न्यायपालिका को घेरा

भारद्वाज ने कहा था कि कथित जज को किसी तरह का लाभ नहीं दिया गया था क्योंकि उनकी नियुक्ति सही प्रक्रिया से हुई थी.

पूर्व क़ानून मंत्री ने कहा था, "जहां तक गठबंधन सरकार पर सहयोगी दलों द्वारा राजनैतिक दबाव डालने की बात है तो जजों की नियुक्ति को लेकर ये दबाव हमेशा थे लेकिन मैंने कभी इन्हें नहीं माना."

इस बीच मनमोहन सिंह के क़रीबी सहयोगियों ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री की एक विदेश यात्रा पर जाते या वापस आते वक़्त हवाई अड्डे पर कोई भी उनके पास नहीं गया था जैसा कि मार्कंडेय काटजू दावा कर रहे हैं.

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