'हर अशरफ़ रोज़ा नहीं रखता'

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दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन में एक रोज़ेदार कर्मचारी को सांसद राजन विचारे द्वारा कथित तौर पर ज़बरदस्ती रोटी खिलाने के मामले में शिव सेना ने अपने सांसदों का बचाव किया है. वहीं दूसरे राजनीतिक दलों ने शिव सेना सांसदों के इस कथित क़दम की निंदा की है.

उद्धव ठाकरे; अध्यक्ष, शिवसेना

हमारी पार्टी के सांसदों पर लगे आरोप ग़लत हैं. हमने कभी इतने निचले स्तर पर काम नहीं किया. हमारी पार्टी किसी धर्म का अनादर नहीं करती है.

प्रेम शुक्ला, शिवसेना

सांसद ख़राब खाने का विरोध कर रहे थे. कई दिन से इसकी शिकायत की जा रही थी. और ध्यान रखिए कि हर अशरफ़ (कर्मचारी का नाम) रोज़ा नहीं रखता है. इस मामले को हिंदू-मुसलमान रंग देने की बजाय उसे सिर्फ़ कैंटीन कर्मचारी के तौर पर देखना चाहिए.

राजन विचारे; सांसद, शिव सेना

दो महीनों से हम लिखित शिकायत कर रहे थे कि महाराष्ट्र सदन में ना सही से पीने का पानी है ना कमरे ठीक हैं. खाना भी ऐसा कि खाया ना जाए. उस दिन भी रोटियां हाथ से नहीं टूट रहीं थीं. तब हमने मैनेजर को बुलवाया. उससे कहा कि खाकर देखो. मगर हमें मालूम नहीं था वो रोज़े से है. जान-बूझ कर ऐसा नहीं किया. हम भी भारी मतों से चुनकर आ रहे हैं. सभी धर्मों और जातियों को साथ लेकर चलते हैं. हमें इफ्तार पार्टियों में बुलाया जाता है. सब के साथ मिलजुलकर रहते हैं. अभी मालूम हुआ कि वो मुसलमान था तो दुःख हुआ. मगर जानबूझकर ऐसा नहीं किया गया.

माजिद मेमन; सांसद, एनसीपी

वो कोई सांसद हो या साधारण व्यक्ति, किसी ने भी इस क़िस्म की हरकत की, जैसे किसी के धार्मिक कार्यों में बाधा डाली हो तो यह गंभीर मामला है. मगर उसके साथ ही हम इस मामले को सनसनीखेज़ न बनाएं. पूरे मामले की खामोशी से जांच होनी चाहिए और जिस किसी का दोष हो उस पर क़ानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.

शशि थरूर; सांसद, कांग्रेस

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हमने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा है कि इस तरह की असंसदीय हरकत करने वाले पर सख्त कार्रवाई की जाए. आज लोकसभा में भी एक भाजपा के सांसद ने असंसदीय भाषा का प्रयोग किया, जिसकी निंदा की जानी चाहिए.

संजय राउत; सांसद, शिव सेना

ये लोग जो आरोप लगा रहे हैं, यह बहुत ग़लत इल्ज़ाम है. मुझे लगता है इनका दिमाग ठिकाने लगाना पड़ेगा. महाराष्ट्र सदन के निर्माण में काफी भ्रष्टाचार हुआ है. इतनी अव्यवस्था है वहां. ना पानी है, ना सही खाना है. कमरे गंदे हैं. नए सांसद वहां रहने गए हैं तो आवाज़ उठाएंगे ही. वो जो इल्ज़ाम है हमारे मुस्लिम भाई के बारे में, वो बिलकुल ग़लत है. ऐसा नहीं हुआ है. ये लोग अपना भ्रष्टाचार छुपाने के लिए इस तरह का इल्ज़ाम लगा रहे हैं.

असदउद्दीन ओवैसी; सांसद, एमआईएम

ये धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना तो है ही. मान लीजिए वो मुसलमान नहीं होता तो क्या आप छोटे सरकारी कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार करेंगे. किसी के मुँह में खाना ठूंसकर आप विरोध नहीं जता सकते. चाहे वो हिन्दू हो या मुसलमान. इस तरह की हरकत सांसद के आचरण के ख़िलाफ़ है.

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