सानिया: मरते दम तक रहूंगी भारतीय

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भारत की स्टार महिला टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्ज़ा को तेलंगाना का ब्रांड एंबेसेडर बनाए जाने पर उठे विवाद के बीच सानिया ने कहा है कि वो मरते दम तक भारतीय रहेंगी.

सानिया मिर्जा ने ट्विटर पर लिखा है, ''मुझे इस बात से दुख हो रहा है कि मेरे बारे में एक तुच्छ मुद्दे पर प्रमुख राजनीतिज्ञ और मीडिया अपना क़ीमती वक़्त जाया कर रहे हैं ''

उन्होंने लिखा है, ''मेरे दादा-परदादा सदियों से हैदराबाद में रहते आए और जब मैं तीन सप्ताह की थी तो यहां अपने घर आई थी.''

उन्होंने लिखा है, ''मैंने शोएब मलिक से शादी की है, लेकिन मैं भारतीय हूं और अंतिम सांस तक भारतीय ही रहूंगी.''

इससे पहले तेलंगाना विधान सभा में भारतीय जनता पार्टी के नेता के लक्ष्मण ने सानिया मिर्ज़ा को 'पाकिस्तान की बहू' क़रार दिया था और उनको यह सम्मान दिए जाने पर सवाल उठाया था.

भाजपा नेता के लक्ष्मण ने कहा था कि सानिया का जन्म महाराष्ट्र में हुआ था और वह बाद में हैदराबाद में बस गईं थीं, वह यहां की 'स्थानीय निवासी नहीं' हैं.

(तेलंगानाः 700 साल लगे सपना साकार होने में)

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लक्ष्मण ने कहा कि अलग तेलंगाना राज्य के लिए होने वाले आंदोलन में सानिया मिर्ज़ा ने कभी हिस्सा नहीं लिया.

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने ग्रेटर हैदराबाद नगरपालिका के आने वाले चुनावों के मद्देनज़र अल्पसंख्यक मतों को ध्यान में रखकर यह फ़ैसला किया है.

प्रतिक्रिया

लेकिन इस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई है.

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भाजपा नेता सुब्रहमण्यम स्वामी ने एक पाकिस्तानी से शादी करने के कारण उनकी देशभक्ति पर ही सवाल उठाए हैं लेकिन दूसरी तरफ़ बीजू जनता दल के जय पांडा ने कहा कि चाहे सानिया ने किसी से शादी की हो, वो एक भारतीय नागरिक हैं जिसका सम्मान किया जाना चाहिए.

वहीं अन्ना हज़ारे की सहयोगी और भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरन बेदी ने ट्वीट किया, ''सानिया भारत की बेटी हैं, उन्होंने देश के लिए बहुत कुछ किया है.''

मंगलवार को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने 27 वर्षीय सानिया मिर्ज़ा को एक करोड़ का चेक देते हुए उन्हें राज्य का ब्रांड एंबेसेडर बनाए जाने का नियु्क्ति पत्र सौंपा था.

इस मौक़े पर उन्होंने कहा था, "तेलंगाना को सानिया पर गर्व है जो एक सच्ची हैदराबादी हैं."

सानिया मिर्ज़ा ने 2003 में जूनियर विंबलडन का ख़िताब जीता था.

सफलता और विवाद

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इन 11 सालों में सानिया भारत की बड़ी खेल हस्ती बन चुकी हैं. महिला डबल्स में उनकी करियर रैंकिंग 6 तक पहुंच गई है.

सानिया ने 2013 में अपनी जोड़ीदार कारा ब्लैक के साथ चाइना ओपन जीता था.

2005 में एक कट्टरपंथी इस्लामी समूह ने सानिया मिर्ज़ा के स्कर्ट में टेनिस खेलने को लेकर धमकी दी थी.

2008 में सानिया ने घोषणा की थी कि वे भारत के लिए नहीं खेलेंगी, तब उन पर ऑस्ट्रेलिया के अंदर भारतीय राष्ट्र ध्वज के अपमान का आरोप लगा था.

सानिया की कामयाबी के बाद भी भारत में महिला टेनिस खिलाड़ियों का अभाव है. टॉप 500 खिलाड़ियों में महज दो भारत की हैं और दोनों में कोई भी ग्रैंड स्लैम में हिस्सा नहीं लेता.

शायद यह भी एक वजह रही हो, जिसके चलते सानिया ने बीते साल हैदराबाद में टेनिस अकादमी शुरू की है.

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