नेपाल को एक अरब डॉलर का क़र्ज़: मोदी

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भारत नेपाल को एक अरब डॉलर यानी क़रीब 10 हज़ार करोड़ नेपाली रुपए का रियायती क़र्ज़ देगा. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की संसद में इसकी घोषणा की.

इस रकम का इस्तेमाल नेपाल अपनी प्राथमिकता के अनुसार कर सकेगा.

नेपाल की संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नेपाल के साथ भारत के रिश्ते अटूट हैं और भारत पड़ोसी का धर्म निभाने के लिए प्रतिबद्ध है.

इससे पहले मोदी ने नेपाल की संसद में अपना संबोधन नेपाली भाषा में शुरू किया.

कारोबार

मोदी ने दोनों देशों के बीच कारोबारी रिश्ते मज़बूत करने पर ज़ोर दिया. उनका कहना था कि नेपाल को हिट की ज़रूरत है. हिट यानी एचआईटी यानी हाइवेज़, इन्फॉर्मेशन वेज़ और ट्रांसवेज़.

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मोदी ने अपने भाषण में नेपाल से बिजली ख़रीदने की इच्छा भी जताई.

उन्होंने कहा, "भारत को बिजली बेचकर नेपाल विकसित देशों में जगह बना सकता है."

उन्होंने यह भी कहा कि नेपाल के लिए ट्रांसमिशन लाइन दोगुना की जाएगी.

मोदी ने कहा कि नेपाल हर्बल दवाओं का बड़ा निर्यातक बन सकता है और भारत इसमें मदद करने को तैयार है.

'युद्ध से बुद्ध की ओर'

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मोदी ने अपने भाषण में कई बार उन सांस्कृतिक प्रतीकों का ज़िक्र किया, जो भारत और नेपाल दोनों के लिए साझा हैं.

मोदी ने नेपाल में शांति प्रक्रिया की तारीफ़ करते हुए कहा, "बुलेट को छोड़कर बैलेट की तरफ बढ़ने के लिए... युद्ध से बुद्ध की तरफ़ जाने के लिए नेपाल को बधाई."

उन्होंने भारतीय सेना के लिए काम करने वाले नेपाली सैनिकों की बहादुरी का भी ज़िक्र किया.

उन्होंने कहा, "मैं उन गोरखा सैनिकों को सलाम करता हूं जिन्होंने भारत के लिए शहादत दी."

मोदी ने कहा कि भारत नेपाल के अंदरूनी मामलों में दखल नहीं देना चाहता.

नरेंद्र मोदी नेपाली संसद को संबोधित करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं.

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