सेल्फ़ी मामला: नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट

नरेंद्र मोदी इमेज कॉपीरइट Reuters

इस साल हुए आम चुनाव के वक़्त पोलिंग स्टेशन के नज़दीक प्रेस कांफ्रेंस करने और पार्टी चिह्न दिखाने के मामले में नरेंद्र मोदी को गुजरात पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है.

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने इस मामले में मोदी के ख़िलाफ़ 30 अप्रैल को एफ़आईआर दाख़िल की थी. शुक्रवार को इस मामले में कोर्ट में दायर की गई रिपोर्ट में क्राइम ब्रांच ने मोदी पर लगे सभी आरोपों को ग़लत बताया है.

मोदी पर आरोप है कि उन्होंने मतदान करने के बाद बाहर निकलकर बीजेपी का चुनाव चिह्न कमल दिखाया और प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया जिससे जन प्रतिनिधि क़ानून का उल्लंघन हुआ.

चुनाव आयोग के आदेश पर क्राइम ब्रांच ने जन प्रतिनिधि क़ानून की धारा 126(1)(A) और आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया था.

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "मोदी पर लगे सभी आरोप ग़लत साबित हुए है."

उन्होंने कहा, "जाँच से यह पता चला है कि मोदी ने प्रसारण करवाने के लिए भीड़ जमा की थी. जो तस्वीर उन्होंने खींची थी वह मतदान केंद्र के सौ मीटर के दायरे में नहीं थी."

इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) कार्यकर्ता निशांत वर्मा ने कोर्ट में याचिका दायर की थी. इसी याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाँच अगस्त 2014 को पुलिस को 26 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट दायर करने को कहा था.

हालांकि इस मामले में क्राइम ब्रांच ने तेज़ी दिखाते हुए तीन दिन के भीतर ही अपनी रिपोर्ट दाख़िल कर दी.

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