सावधान ! ये यादव परिवार की 'जायदाद' है

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उत्तर प्रदेश में मु्ख्यमंत्रियों का बंगला प्रेम इस क़दर है कि उनके रास्ते में आने वाले सरकारी दफ़्तरों तक को बख़्शा नहीं जाता है.

अपनी मनपसंद जगह पर बंगला बनवाने के लिए सिर्फ मायावती ने ही नहीं बल्कि मुलायम सिंह ने भी सरकारी दफ़्तरों को खाली करवा लिया.

कहा तो यह भी जाता है कि लखनऊ के सबसे पॉश इलाके विक्रमादित्य मार्ग और इसके आस पास की क़रीब आधी संपत्ति यादव परिवार के पास है.

इसी इलाके में मुलायम सिंह के बंगले के ठीक पीछे एक और बंगला बन रहा है. कहा जा रहा है कि यह अखिलेश यादव के लिए बनाया जा रहा है.

पढ़ें अतुल चंद्रा की पूरी रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश में सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन स्थायी सरकारी बंगला देने का प्रावधान है.

लखनऊ का विक्रमादित्य मार्ग अपने पंच बंगलों के लिए जाना जाता है.

इन पांच बड़े बंगलों में से एक में मुलायम का आवास है. यह बंगला उन्हें पूर्व मंत्री की हैसियत से आवंटित हुआ था.

एक और बंगला उन्होंने साल 2004 में अपने मुख्यमंत्री रहते लोहिया ट्रस्ट के नाम से 30 वर्षों की लीज़ पर आवंटित करवाया था.

यादव परिवार

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लोहिया ट्रस्ट को बंगला आवंटित करने की प्रक्रिया और नियम-क़ानूनों को लेकर मीडिया में जमकर शोर मचा था. पांच में से बाकी के तीन बंगले अभी नौकरशाहों के आवास हैं.

विक्रमादित्य मार्ग पर ही बंगला संख्या 19 समाजवादी पार्टी के नाम पर आवंटित है.

मुलायम सिंह यादव परिवार का विक्रमादित्य मार्ग से मोह बना रहा और इस मार्ग पर एक डिग्री कॉलेज से लगा हुआ 20,000 वर्ग फ़ीट का प्लॉट अखिलेश ने अपने पिता मुलायम के ही मुख्यमंत्री रहते खरीद लिया था.

अपनी संपत्ति का ब्यौरा देते हुए अखिलेश ने इसमें आधे हिस्सेदार होने की बात कही है. इसकी कीमत उन्होंने 41.63 लाख रुपये बताई है.

विक्रमादित्य मार्ग पर ही मुलायम के घर के ठीक पीछे एक और बंगले का निर्माण हो रहा है. कयास लगाया जा रहा है की यह अखिलेश के लिए है. आखिर कभी वो भी तो पूर्व मुख्यमंत्री होंगे ही.

सरकारी दफ़्तर हटाया

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जिस बड़े क्षेत्र में यह बंगला बन रहा है वहाँ मुख्य टाउन प्लानर का दफ्तर हुआ करता था.

जून में यह दफ्तर खाली करवा लिया गया. अब यह गोमती नगर चला गया है.

इस दफ्तर की इमारत के चारों तरफ नई दीवार बन रही है, उसके बाद मुख्य भवन के पुनर्निर्माण होने की संभावना है.

इस बंगले के निर्माण को लेकर गोपनीयता बरती जा रही है. राज्य संपत्ति विभाग के एक अधिकारी ने इतना अवश्य कहा है कि इसे बनाने के आदेश उच्च स्तर से मिले हैं.

वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान का कहना है कि विक्रमादित्य मार्ग और उससे लगे हुए क्षेत्र की लगभग 50 प्रतिशत प्रॉपर्टी यादव परिवार के पास है.

इससे पहले, कल्याण सिंह ने भी एक सरकारी आवास 4, मॉल एवेन्यू को महातम राय ट्रस्ट के नाम से आवंटित करवाया था. महातम राय कुसुम राय के पिता थे.

सरकारी इमारत ही ढहा दी

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पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी अपने पिछले कार्यकाल में मॉल एवेन्यू में अपने बंगले को बड़ा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेता लालजी टंडन से उनका बंगला खाली करवाया था.

टंडन को मायावती के पड़ोस में वो बंगला उस वक़्त मिला था जब वे प्रदेश में मंत्री थे.

इसी इलाके में गणना विभाग का दफ़्तर भी था. सुरक्षा की दृष्टि से मायावती ने वह दफ़्तर वहां से हटवाकर वो इमारत गिरवा दी.

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