मोदी ही जानते हैं मोदी क्या बोलेंगे

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प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी लाल क़िले से अपना पहला भाषण देने वाले हैं.

पंद्रह अगस्त का कार्यक्रम कई मामलों में पिछले समारोहों से अलग है.

नरेंद्र मोदी लाल क़िले से देश को संबोधित करने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे जो आज़ादी के बाद पैदा हुए हैं.

इस बार के भाषण को सुनने के लिए आम जनता को ख़ास तौर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है, दिल्ली मेट्रो अपनी सेवाएँ आम दिनों से कुछ घंटे पहले ही, सुबह साढ़े चार बजे से शुरू कर देगी ताकि लोग लाल क़िला पहुँच सकें.

लाल क़िले के सामने दस हज़ार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है.

वे भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे जिनका स्वतंत्रता दिवस का भाषण लिखित नहीं होगा, बताया जा रहा है कि उन्होंने टेलीप्राम्पटर का इस्तेमाल करने से मना कर दिया है.

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पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के अधिकारी उनके भाषण को सुनकर बाद में उसकी लिखित प्रति जारी करेंगे.

प्रधानमंत्री बनने के बाद से देश की जनता के नाम यह उनका पहला विस्तृत भाषण होगा जिसके लिए काफ़ी तैयारियाँ की गई हैं. भले ही उनका भाषण लिखित नहीं होगा लेकिन इस भाषण के लिए सभी मंत्रालयों से जानकारी मँगाई गई है.

यह पहला मौक़ा है जब भारत के प्रधानमंत्री का लाल क़िले से दिया गया भाषण इंटरनेट पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा.

बताया जा रहा है कि सरकारी अधिकारी पिछले स्वतंत्रता दिवस समारोहों की तुलना में बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे क्योंकि उन्हें ऐसे निर्देश दिए गए हैं.

सरकारी के नज़दीकी लोग बता रहे हैं कि वे अपने घंटे भर के भाषण में कोई नई घोषणा नहीं करेंगे लेकिन सरकार के कामकाज की अब तक की प्रगति का विवरण देंगे.

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