वीज़ा ही वीज़ा, पहले आएँ तो

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भारत सरकार देश में और अधिक विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए 'वीज़ा ऑन अराइवल' सुविधा का दायरा बढ़ाने की योजना बना रही है.

फिलहाल 'वीज़ा ऑन अराइवल' की सुविधा सिर्फ़ 11 देशों के लिए ही है.

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Image caption दिल्ली में विदेशी सैलानियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है

पिछले साल पूरे भारत में विदेशी सैलानियों की संख्या महज 69.7 लाख रही जबकि विदेशी पर्यटक लंदन जैसे शहरों में दोगुनी से अधिक संख्या में जाते हैं.

घटता आकर्षण

लगभग डेढ़ साल पहले हुए दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड के बाद से पर्यटकों के मन में असुरक्षा की भावना गहरी हुई है.

Image caption विदेशी सैलानियों में ताजमहल को लेकर बहुत दिलचस्पी रहती है

दिल्ली के पुरातत्व विभाग के अधीक्षक, वसंत कुमार स्वर्णकार कहते हैं, "हमने स्मारकों के चारों ओर पहले से अधिक सुरक्षा कर्मचारी लगाए हैं. विश्व विरासत स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं."

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Image caption दिसंबर 2012 में दिल्ली में एक छात्रा के साथ बलात्कार की घटना के बाद ज़बर्दस्त प्रदर्शन हुए थे

लेकिन ऐसा भी नहीं है कि सभी विदेशी सैलानियों में दिल्ली या भारत में सुरक्षा को लेकर घबराहट हो, जर्मनी की कॉर्लिनिया लॉकर चौथी बार भारत आई हैं और वो भी अकेले.

वो कहती हैं, "बस कुछ बातों का ध्यान रखती हूं जैसे अंधेरे इलाकों में जाने से बचती हूँ, साथ ही ये भी ख़्याल रखती हूं कि कपड़े ठीक से पहने जाएँ."

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Image caption गोवा के समुद्री किनारे भी विदेशी सैलानियों को आकर्षित करते हैं

सिर्फ़ वीज़ा और सुरक्षा ही नहीं, समस्याएँ और भी हैं, ट्रिप एडवाइज़र इंडिया के कंट्री मैनेजर निखिल गंजू कहते हैं, "बुनियादी सुविधाओं की कमी है. क्वालिटी होटलों की कमी है. और सबसे बड़ी बात, भारत के लिए वीज़ा हासिल करना आसान नहीं है."

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