असम: फ़ायरिंग के विरोध में बंद

गोलाघाट हिंसा इमेज कॉपीरइट PTI

नगालैंड से लगे असम के गोलाघाट क्षेत्र में जारी क्षेत्रीय हिंसा के विरोध में असम गण परिषद समेत कई राजनीतिक दलों ने गुरूवार को सूबे में बंद का ऐलान किया है.

गोलाघाट की ज़िलाधिकारी जूली सोनोवाल ने कहा कि बुधवार को पुलिस फ़ायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई जिसके बाद ज़िले में अनिश्चित काल के लिए कर्फ़्यू लगा दिया गया है.

लगभग दो हफ़्तों से जारी हिंसा में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है.

मुख्यमंत्री तरूण गोगोई ने गोलाघाट दौरे के बीच कहा कि कम से कम दस हज़ार लोग अपना घरबार छोड़कर भाग खड़े हुए हैं.

प्रदर्शनकारी 'नगालैंड की ओर से होने वाले हमलों' के मद्देनज़र अधिक सुरक्षा उपाय करने की मांग कर रहे हैं.

इस मामले पर गोगोई और नगालैंड के मुख्यमंत्री जीआर ज़ीलियन गुवाहाटी में मुलाक़ात कर रहे हैं.

तनाव जारी

बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टासाली का कहना है कि कुछ नागा गुटों ने फिर से नगालैंड की असम को दी गई ज़मीन को वापस दिए जाने की मांग शुरू कर दी है.

संवाददाता का कहना है कि इसके बाद हिंसा शुरु हो गई है जो कम होने का नाम नहीं ले रही है और अब इसमें असम के राजनीतिक दल भी शामिल हो गए हैं.

नागरिकों का कहना है कि असम सरकार उनकी सुरक्षा का पूरा इंतज़ाम नहीं कर पा रही है.

असम सरकार का कहना है कि नगालैंड सीमा से लगे कुछ हिस्सों की सुरक्षा का ज़िम्मा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के पास है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रधानमंत्री कार्यालय को हिंसा पर रिपोर्ट भेजी है.

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