'दाग़ी नेताओं को मंत्री बनाना पीएम पर निर्भर'

नरेंद्र मोदी इमेज कॉपीरइट Getty

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आपराधिक मामलों के अभियुक्त लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल करना प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के विवेक पर निर्भर है.

हालांकि, फ़ैसले में संविधान के हवाले से सुझाया गया है कि दाग़ी नेता मंत्रिमंडल में नहीं होने चाहिए.

इस बारे में एमेकस क्यूरी राकेश द्विवेदी ने कहा, ''मंत्री नियुक्त करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों की जो शक्तियां हैं, उसमें कोई स्पष्ट प्रतिबंध पढ़ना संभव नहीं है.''

'बड़ी भारी ज़िम्मेदारी'

एमेकस क्यूरी राकेश द्विवेदी के अनुसार, ''सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राजनीति का अपराधीकरण लोकतंत्र को नष्ट करता है और संविधान निर्माताओं ने इस मामले में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को एक बड़ी भारी ज़िम्मेदारी सौंपी है.''

फ़ैसले में ये भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिनके ख़िलाफ़ गंभीर आरोप हैं और मुक़दमे चल रहे हैं, उन्हें मंत्री नियुक्त नहीं किया जाए.

इमेज कॉपीरइट AFP

वक़ील अनिल कुमार झा ने अपनी याचिका में कहा था कि क्या गंभीर आरोपों का सामना कर रहे किसी व्यक्ति को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री बनाया जा सकता है?

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार