लाइव गूगल हैंगआउट: मुसलमानों का दिल जीत पाए मोदी?

  • 3 सितंबर 2014

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से जो भाषण दिया उसमें ज़िक्र किया सांप्रदायिक तनाव का और कहा कि लोग अगले 10 वर्षों तक इससे अलग रहकर देश को आगे बढ़ाने में मदद करें.

गुजरात दंगों की पृष्ठभूमि और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगातार बने तनाव को देखते हुए मोदी का ये बयान काफ़ी अहम था.

मोदी सरकार बनने से पहले अधिकतर अल्पसंख्यकों के मन में एक डर था. किसी भी अदालत में मोदी पर गुजरात दंगों के मामले में कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है मगर ये भी सच है कि इसके बावजूद लोगों के मन में हिंदुत्व के उग्र रूप ले लेने का डर था.

तो क्या मोदी सरकार के इन 100 दिनों में वो डर कुछ हद तक दूर हुआ है, या पिछले दिनों हुई सांप्रदायिक घटनाओं पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी से वो डर जस का तस बरक़रार है?

कैंपस हैंगआउट

यही समझने के लिए बीबीसी हिंदी की टीम बुधवार तीन सितंबर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मौजूद होगी.

आम चुनाव के दौरान हमने जो कैंपस हैंगआउट की शृंखला शुरू की थी, ये कार्यक्रम उसी की एक कड़ी होगा.

दोपहर एक बजे से दो बजे के बीच आप ये कार्यक्रम लाइव इस लिंक पर देख सकेंगे- http://www.youtube.com/watch?v=jNGeX33lALk

आप कैसे जुड़ें

जब ये कार्यक्रम लाइव होगा उसी समय आप इसका विवरण लाइव हमारे फ़ेसबुक पन्ने पर भी पढ़ सकते हैं. इतना ही नहीं हम चाहेंगे कि आप भी इससे जुड़ी बहस में हिस्सा लें और अपनी बात रखें.

हो सकता है आपकी टिप्पणी भी कार्यक्रम में शामिल हो क्योंकि कुछ चुनी हुई टिप्पणियों को कार्यक्रम में जगह मिलेगी.

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