शीला के बयान पर दिल्ली की राजनीति गरमाई

शीला दीक्षित इमेज कॉपीरइट AP

दिल्ली में सरकार बनाने की भारतीय जनता पार्टी की कथित कवायद को एक ऐसे व्यक्ति से समर्थन मिला जिसकी ख़ुद उसे उम्मीद नहीं होगी.

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सरकार बनाने की बीजेपी की कोशिशों का समर्थन करते हुए कहा, "डेमोक्रेसी में जो चुनी हुई सरकारें होती हैं, वही सबसे अच्छी होती हैं क्योंकि वे जनता की नुमाइंदगी करती हैं."

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक शीला दीक्षित के इस बयान से उनकी पार्टी ने ख़ुद को अलग कर लिया है.

केरल के राज्यपाल पद से हाल ही में इस्तीफा देने वाली दीक्षित के बयान को उनके सक्रिय राजनीति में लौटने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

उन्होंने मीडिया से कहा, "अगर भाजपा इस स्थिति में पहुंच गई है कि वो सरकार बना सकती तो ये अच्छी बात है. पिछले दिनों में ऐसे हालात बन गए थे कि लोग अपनी बात कहने के लिए कहां जाएं और किसके पास जाएं. उनकी कोई सुनवाई नहीं थी. अब आवाज़ सुन ली जाएगी."

भाजपा की प्रतिक्रिया

इमेज कॉपीरइट SATISH UPADHYAY FACEBOOK

शीला के बयान पर हैरत जताते हुए कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने कहा, "सरकार गठन को लेकर शीला दीक्षित के बयान से हमें आश्चर्य हुआ है. यह उनकी निजी राय है और कांग्रेस पार्टी का इससे कोई लेना देना नहीं है."

हालांकि भाजपा ने शीला दीक्षित की साफ़गोई की तारीफ की है और आम आदमी पार्टी ने कहा है कि उन्हें शीला दीक्षित के बयान से कोई हैरत नहीं हुई है क्योंकि 'भाजपा और कांग्रेस में कोई बहुत ज्यादा अंतर नहीं है.'

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा, "शीला दीक्षित एक वरिष्ठ नेता हैं और उनका बयान सरकार गठन को लेकर नहीं बल्कि राजनीति में आपके बर्ताव को लेकर है."

'आप' की राय

इमेज कॉपीरइट Reuters

वहीं 'आप' के नेता आशुतोष का कहना है, "हम ये लंबे अर्से से कहते आ रहे हैं कि भाजपा और कांग्रेस के बीच अच्छी समझदारी है और दोनों पार्टियों के बीच शायद ही कोई अंतर है."

हालांकि दिल्ली विधानसभा में बहुमत के गणित का सवाल भी है जिसे लेकर भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का सिलसिला जारी है.

इस पर शीला दीक्षित कहती हैं, "आरोप तो हमेशा लगते रहते हैं. अगर वे सरकार बना लेते हैं तो विधानसभा में उन्हें बहुमत तो साबित करना पड़ेगा. सरकार बनने दीजिए. फिर फ़ैसला होगा."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार