मुख्यमंत्री की 'धमकी' के बाद गर्म हुआ मामला

प्रकाश जावड़ेकर इमेज कॉपीरइट PIB

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि प्रेस की आज़ादी ज़रूरी है लेकिन इसके साथ ज़िम्मेदारी भी जुड़ी है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ जावड़ेकर ने कहा, "राज्य सभा में जब इस बारे में विस्तार से चर्चा हुई थी तो हमने कहा था प्रेस की आज़ादी के साथ ज़िम्मेदारी जुड़ी है."

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के मीडिया विरोधी कथित बयान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि उन्होंने राव का बयान नहीं सुना है.

राव ने अपने बयान में कहा था कि अगर मीडिया ने तेलंगाना का अपमान करना जारी रखा तो वह उसकी गर्दन तोड़ देंगे और उसे ज़मीन में दस किलोमीटर नीचे गाड़ देंगे.

उन्होंने यह बयान वारंगल में एक समारोह के दौरान दिया था, जब कुछ पत्रकारों ने टीवी9 और आंध्र ज्योति एबीएन न्यूज़ चैनलों पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था.

संस्कृति का उपहास

राव की बेटी और उनकी पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति की प्रवक्ता के कविता ने बीबीसी हिंदी से कहा, "इस बयान को अलग ढंग से नहीं देखा जाना चाहिए. पिछले 15 साल से ये चैनल तेलंगाना के नेताओं और संस्कृति का उपहास उड़ा रहे हैं."

उन्होंने कहा, "विधानसभा सत्र के पहले दिन जब सदस्य शपथ ले रहे थे तो इन चैनलों ने ऐसी असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया था जिसे मैं बता नहीं सकती."

इमेज कॉपीरइट PTI

टीवी9 चैनल के प्रवक्ता अरविंद यादव ने स्वीकार किया कि संभव है कि कार्यक्रम से किसी को ठेस पहुंची हो लेकिन चैनल ने विधानसभा अध्यक्ष से बिना शर्त माफ़ी मांग ली है.

उन्होंने कहा, "सरकार की तरफ से कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया है लेकिन साफ है कि राज्य सरकार केबल ऑपरेटरों पर चैनल नहीं दिखाने का दबाव डाल रही है."

सीमा लांघी

'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' के रेजिडेंट एडीटर किंशुक नाग ने कहा, "इन चैनलों पर दिखाए गए कार्यक्रम ठीक नहीं थे. जब तेलंगाना में भावनाएं चरम पर थीं तो इन चैनलों ने अपनी सीमा लांघ दी थी."

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री का रवैया भी मीडिया विरोधी रहा है. आंध्र प्रदेश का विभाजन इसलिए हुआ क्योंकि यह सामंती राज्य था. लेकिन ऐसा लगता है कि वह इस मानसिकता से बाहर नहीं आए हैं और अब भी तेलंगाना आंदोलन के मोड में हैं."

नाग ने कहा, "इस मामले को इतना लंबा नहीं चलना चाहिए था. इसे दो-तीन दिन में सुलझा लिया जाना चाहिए था."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार