चारा घोटाला के अभियुक्त की संपत्ति नीलाम

आयकर विभाग ने बिहार में काले धन के खिलाफ मुहिम छेड़ते हुए बहुचर्चित चारा घोटाला के एक अभियुक्त त्रिपुरारी मोहन प्रसाद के पहले से जब्त सभी 18 फ्लैटों को नीलाम कर दिया है.

सभी खाली फ्लैट पटना के सगुना मोड़ इलाके में स्थित वसी कुंज कॉम्प्लेक्स में हैं.

नीलामी प्रक्रिया में राज्य के अलग-अलग शहरों के लगभग 20 खरीददार और विभागीय अधिकारी केंद्रीय राजस्व मुख्यालय में मौजूद थे.

आयकर आयुक्त प्रशांत भूषण बताते हैं कि करीब 155 सालों के इतिहास में यह पहला मौका है जब प्रदेश में कर चोरी के मामले में किसी अभियुक्त की अचल संपति की नीलामी की गई हो.

43 करोड़ का था मामला

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) शासन काल के दौरान यह मामला प्रकाश में आया था.

तब त्रिपुरारी मोहन प्रसाद पशुपालन विभाग के आपूर्तिकर्ता हुआ करते थे.

आयकर आयुक्त भूषण कहते हैं कि विभाग की ओर से अनुमानित 43 करोड़ टैक्स की राशि निर्धारित कर उसकी मांग की जा रही थी.

लेकिन, संपति जब्त किए जाने के बाद भी वे कर का भुगतान नहीं कर रहे थे.

उन्होंने उम्मीद जताई कि नीलामी प्रक्रिया से विभाग 10 करोड़ की वसूली कर लेगा.

अन्य अभियुक्तों पर भी है नज़र

आयुक्त प्रशांत भूषण बताते हैं कि चर्चित चारा घोटाला समेत बाढ़ राहत घोटाले के 42 विभिन्न आपूर्तिकर्ताओं पर भी विभाग की नज़र है.

इन सभी पर लगभग तीन हज़ार करोड़ रूपए की कर चोरी का मामला बनता है. विभाग सूचना इकठ्ठा कर रही है.

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