भारत यात्रा में तीन लक्ष्य: शी जिनपिंग

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि वह भारत यात्रा से तीन चीज़ें हासिल करना चाहते हैं.

शी का कहना था कि उनकी यात्रा का एक मक़सद कहा कि दोस्ती को आगे बढ़ाना है.

उन्होंने कहा कि ये दोनों देश पुरानी संस्कृतियाँ हैं, जहाँ दोनों देश अपनी संस्कृति पर न सिर्फ़ गर्व करते हैं बल्कि एक-दूसरे का सम्मान भी करते हैं.

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शी ने कहा, "दूसरा लक्ष्य दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ाना है. ये दोनों बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाएँ हैं इसलिए ज़रूरी है कि दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़े."

राष्ट्रपति के अनुसार तीसरा लक्ष्य भारत और चीन के रिश्तों के रणनीतिक महत्त्व को समझते हुए उसे आगे बढ़ाना है.

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उनका कहना था, "हम दोनों देश जब साथ मिलकर काम करें तो हम एशिया और दुनिया में समृद्धि ला सकते हैं."

भारतीय चिंता

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चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और चीन विकास को पहला लक्ष्य मानते हैं.

इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा है, "दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों पर बातचीत होगी. भारत और चीन के बीच व्यापक संबंध है. हम आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा जारी रखेंगे."

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अकबरुद्दीन ने कहा, "हर मुद्दा पहले भी उठाया गया है और हाल की घटनाओं पर भी इस दौरान चर्चा होगी."

जिनपिंग का इससे पहले राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत हुआ. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी उस समय वहाँ मौजूद थे.

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