ट्रेनी जजों को बर्खास्त करने की सिफ़ारिश

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इलाहाबाद हाई कोर्ट की पूरी बेंच ने शराब पी कर हंगामा और नशे में एक साथी महिला जज के खिलाफ अश्लील टिप्पणी करने के आरोप में 11 ट्रेनी जजों को बर्खास्त करने की सिफारिश की है.

ये ट्रेनी जज 2012 बैच के हैं. घटना 7 सितम्बर को लखनऊ में घटी थी.

जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट ने यह फ़ैसला लिया और बुधवार को इससे संबंधित रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक को भेज दी गई.

हाई कोर्ट की प्रशासनिक समिति ने पहले इन ट्रेनी जजों को निलंबित करने का निर्णय लिया था लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उनको बर्खास्त करने की सिफारिश की गई.

इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार-जनरल प्रत्यूष कुमार ने इस फ़ैसले के बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया. कुमार ने कहा, " मैं ना तो इस ख़बर की पुष्टि करूंगा और ना ही खंडन."

40 ज़िलों के 74 ट्रेनी जज लखनऊ स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ जूडिशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च (जेटीआरआइ) में इंडक्शन प्रोग्राम के लिए आए थे.

इनमे 22 महिला ट्रेनी जज भी थीं. पता नहीं चला है की अभद्रता इनमें से किसी के साथ हुई थी या किसी अन्य महिला के साथ.

इनकी बर्खास्तगी होगी

इन पर आरोप है कि इन लोगों ने संस्थान से बाहर फैजाबाद रोड पर एक रेस्टोरेंट में जमकर शराब पीने के बाद आपस में जमकर मारपीट की और इनमे से किसी ने एक ट्रेनी महिला जज के बारे से अश्लील टिप्पणी की.

इस घटना की जांच के लिए चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने एक जांच कमिटी बनाई जिसने जेटीआरआई के हॉस्टल और रेस्टोरेंट में जांच की.

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