बच्ची की 'ज़िंदा समाधि' की ख़बर से लगा मजमा

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राजस्थान के भरतपुर ज़िले के कुम्हेर कस्बे में एक बच्ची के कथित ज़िंदा समाधि लेने की अफवाहों ने ऐसा ज़ोर पकड़ा कि कुछ ही घंटों में वहां लोगों का तांता लग गया.

पुलिस हस्तक्षेप के बाद ही 'बच्ची के देवी का रूप' होने की अफवाहों पर रोक लगी.

कुम्हेर थाने के प्रभारी आलोक गौतम ने बीबीसी को बताया, "बच्ची की मृत्यु बुधवार रात को 12 बजकर 5 मिनट पर हुई और उसके परिजनों ने गुरुवार की सुबह उसे नट मोहल्ला स्थित घर के सामने दफ़न कर दिया."

थाना प्रभारी ने बताया, "वे लोग वहां तंबू लगाकर बैठ गए और इसके साथ ही बच्ची के ज़िंदा समाधि लेने की ख़बर फैल गई."

'मौत का सच' सामने आया

पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची का शव निकालकर पोस्टमॉर्टम करवाया.

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पुलिस के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत की वजह डायरिया निकली.

थाना प्रभारी ने बताया कि बच्ची जन्म से काफी बीमार रहती थी. उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ज़िंदा समाधि की अफवाहों पर रोक लगी और लोगों का मजमा खत्म हुआ.

अफवाहें थी कि बच्ची ने अपनी मां को अपनी मौत का समय बताया था.

बच्ची के पिता नट हैं और मेलों में झूला-चकरी चलाने का काम करते हैं. यह बच्ची उनकी अकेली संतान थी.

पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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