बच्ची की बलि के मामले में चार को फाँसी

दुर्ग ज़िला सत्र न्यायालय

छत्तीसगढ़ में एक बच्ची की बलि दिए जाने के मामले में चार अभियुक्तों को फाँसी की सज़ा सुनाई गई है.

दुर्ग ज़िले की इसी अदालत ने इन चार अभियुक्तों समेत सात लोगों को एक अन्य बच्चे की बलि देने के मामले में 27 मार्च को फाँसी की सज़ा सुनाई थी.

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Image caption भारत में फाँसी की सज़ा के विरोध में प्रदर्शन होते रहे हैं.

ताज़ा मामले में आरोप है कि तांत्रिक ईश्वर यादव ने अपनी पत्नी किरण यादव के साथ मिल कर दुर्ग ज़िले के कसारीडीह मंदिर के इलाके से मनीषा का अपहरण किया.

आरोप था कि ईश्वर यादव ने पांच दिनों तक तांत्रिक अनुष्ठान करने के बाद 4 मार्च 2010 को बच्ची की बलि दे दी.

गुरुवार को इस मामले में फ़ैसला सुनाते हुए ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश गौतम चौरड़िया ने कहा कि आज के वैज्ञानिक समय में तंत्र-मंत्र के नाम पर बच्चे की हत्या मानवता के लिये एक कलंक की तरह है.

अदालत ने कहा, "ऐसे मामलों में फांसी दिए जाने से इस तरह की प्रवृत्तियों पर रोक लगेगी."

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