जयललिता जेल की ओर, देंगी इस्तीफ़ा!

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बंगलौर की एक विशेष अदालत ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में शनिवार को तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता को दोषी क़रार दिया है.

1996 के इस मामले में जयललिता के साथ उनकी सहयोगी शशिकला, उनके दत्तक पुत्र सुधाकरन (जिन्हें उन्होंने बाद में त्याग दिया) और शशिकला की भांजी इलावर्सी को भी दोषी करार दिया गया है.

सरकारी वकील भवानी सिंह ने बीबीसी से जयललिता को दोषी क़रार दिए जाने की पुष्टि की.

सिंह के मुताबिक़ इस मामले में दोषियों की अधिकतम सज़ा सात साल हो सकती है. सज़ा की न्यूनतम अवधि अदालत में होने वाली बहस पर निर्भर करती है.

भवानी सिंह के मुताबिक अगर दोषियों को तीन साल से ज़्यादा सज़ा होती है तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है और अगर सज़ा की अवधि कम होती है तो उन्हें ज़मानत मिल सकती है.

दोषी क़रार दिए जाने के बाद जयललिता विधानसभा सदस्यता से इस्तीफ़ा देने के लिए भी मजबूर होंगी.

पुराना मामला

जयललिता के ऊपर 18 साल पहले आय से अधिक संपत्ति के मामले में एफ़आईआर दर्ज की गई थी.

यह मामला तब दर्ज हुआ था जब वह पहली बार मुख्यमंत्री बनी थीं. अब वह तीसरी बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री हैं.

जयललिता एक विशेष विमान से बंगलोर पहुंची थीं. बंगलौर की विशेष अदालत में सुरक्षा के भारी इंतज़ाम किए गए थे.

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Image caption बैंगलोर की विशेष अदालत में सुरक्षा के भारी इंतज़ाम किए गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट की तरफ़ से मामले की निष्पक्ष सुनवाई के लिए बंगलौर की विशेष अदालत का गठन नवंबर 2003 में किया गया था. फ़ैसला इस बात पर होना था कि क्या जयललिता के पास से 1991-96 के दौरान 66.6 करोड़ रुपए की संपत्ति उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक थी?

जयललिता भ्रष्टाचार के मामले में पहले भी एक बार पद से इस्तीफ़ा देने को मजबूर हो चुकी हैं.

लोकसभा में उनकी पार्टी एआईएडीएमके के 37 सदस्य हैं.

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