गुल बत्ती ने बुझाई उम्मीदवारी की लौ

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बिजली क्या गुल हुई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के एक उम्मीदवार को अपने नामांकन से ही हाथ धोना पड़ गया.

यह घटना पुणे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी एनसीपी के एक नेता के साथ हुई.

पुणे के पूर्व मेयर और एनसीपी प्रवक्ता अंकुश काकडे ने शहर के कसबा चुनाव क्षेत्र से विधानसभा के लिए नामांकन पत्र भरा था. उन्हें पार्टी की ओर से ए-बी फॉर्म भी दिया गया.

शपथपत्र की कमी

दोपहर एक बजे उन्होंने ए-बी फॉर्म के साथ पर्चा भरा. लेकिन इस पर्चे के साथ व्यक्तिगत जानकारी से भरा शपथपत्र लगाना ज़रूरी होता है, जो वो नहीं लगा पाए थे.

काकडे ने बताया कि जब वे हलफ़नामा बनवाने गए, इस दौरान बिजली चली गई. लेकिन किसी तरह शपथपत्र बनवाकर क़रीब साढ़े तीन बजे काकडे जब निर्वाचन कार्यालय पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि कागज़ात जमा करने की समय-सीमा ख़त्म हो चुकी है.

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Image caption अंकुश काकडे की जगह एनसीपी ने कांग्रेस से आए नेता को अपना प्रत्याशी बनाया

अधिकारियों ने उनका शपथपत्र लेने से इनकार कर दिया. इस पर अन्य उम्मीदवारों ने भी आपत्ति जताई.

इसके बाद अंकुश काकडे की जगह कांग्रेस से एनसीपी में आए दीपक मानकर को पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया.

काकड़े ने कहा, "अहमदनगर से आने में देर हो गई इसलिए शपथपत्र बनवाने में देरी हुई. फिर बिजली चले जाने से सारा टाइप किया हुआ मैटर उड़ गया. इसलिए एक बार फिर शपथपत्र को दोबारा तैयार करवाना पडा. इससे जो देरी हुई उससे शपथपत्र जमा करने की सीमा निकल गई."

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