घुसपैठ से हिंदू समाज ख़तरे में: भागवत

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राष्ट्रीय स्वयंसेवस संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को विजयदशमी के अवसर पर नागपुर के रेशमबाग मैदान में संघ के सालाना कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को संबोधित किया.

पहली बार इसे दूरदर्शन पर सीधा प्रसारित किया गया. इस दौरान उन्होंने देश, दुनिया और समाज पर अपनी बात रखी.

आरएसएस प्रमुख भागवत के भाषण की 10 प्रमुख बातें:

  1. असम, बंगाल और बिहार के रास्ते हो रही घुसपैठ से हिंदू समाज के लिए ख़तरे की स्थिति पैदा हो गई है.
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    Image caption हेडगेवार ने 1925 में विजयदशमी के दिन आरएसएस की स्थापना की थी.
  2. समाचार पत्रों और टीवी पर भड़काने वाले विज्ञापनों और ख़बरों पर सरकार को रोक लगानी चाहिए. इसे रोकने के लिए एक निकाय बनाना चाहिए.
  3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमरीका यात्रा के दौरान भारतीय मूल के लोगों में उत्साह साफ़ नज़र आ रहा था.
  4. भारत प्रशासित कश्मीर में आई बाढ़ के दौरान पूरा समाज एक हो गया था. केंद्र सरकार ने वर्षों बाद तत्काल कार्रवाई का परिचय दिया.
  5. सही मायने में देश में विकास माना जाएगा जब अंतिम पंक्ति में खड़ा अंतिम व्यक्ति भी विकसित और सुरक्षित हो.
  6. इसरों के मंगलयान परियोजना से जुड़े वैज्ञानिक और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का अभिनंदन किया और बधाई दी
  7. समाज ने बदलाव लाने की ठानी और अभी हाल में ही संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को (भाजपा) को बहुमत दिया.
  8. मंदिर और पानी के स्थान को पूरे हिंदूसमाज के लिए एक बनाना होगा. हिंदू समाज से जात-पात को मिटाना होगा
  9. स्वयंसेवकों को देश के गांव-गांव और गलि-गलि में आरएसएस के विचारों को पहुंचाना होगा.
  10. समाज ने बदलाव लाने की ठानी और अभी हाल में ही संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को (भाजपा) को बहुमत दिया.

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