झारखंडः फ़रार पूर्व मंत्री गिरफ़्तार

योगेंद्र साव इमेज कॉपीरइट NIRAJ SINHA

झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री और कांग्रेस विधायक योगेंद्र साव को में नक्सली संगठन को संरक्षण देने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया है. सीआईडी की टीम ने उन्हें दिल्ली से गिरफ़्तार किया.

साव के ख़िलाफ़ मंत्री पद पर रहते हुए आरोप लगे थे और बाद में हज़ारीबाग की अदालत से गिरफ़्तारी वारंट जारी होने के बाद 12 सितंबर को सरकार ने उनसे इस्तीफ़ा ले लिया था.

राज्य के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने साव की गिरफ़्तारी की पुष्टि करते हुए बीबीसी को बताया कि कि साव को ट्रांजिट रिमांड पर लेने के बाद झारखंड लाया जाएगा.

योगेंद्र साव हज़ारीबाग ज़िले के बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं.

पुलिस महानिदेशक के मुताबिक तफ्तीश में पूर्व मंत्री के ख़िलाफ़ काफी साक्ष्य मिले हैं.

साव पर आरोप

Image caption झारखंड के कई ज़िलों में नक्सलियों का असर है

पिछले एक सितंबर को हज़ारीबाग पुलिस ने कथित नक्सली संगठन झारखंड टाइगर फ़ोर्स के पांच सदस्यों को हथियारों के साथ गिरफ़्तार किया था.

तब संगठन के प्रमुख राजकुमार गुप्ता ने अपने कथित तौर पर इकबालिया बयान में कहा था कि योगेंद्र साव संगठन के संरक्षक हैं और उनके इशारे पर पर रंगदारी वसूलने का काम किया जाता है.

हालाँकि, इस्तीफ़ा देने से पहले और बाद में योगेंद्र साव और उनके परिजन आरोपों से इनकार करते रहे हैं.

राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीआईडी को सौंपी थी.

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