वर्धमान विस्फोट: भाजपा और तृणमूल भिड़े

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Image caption डेरेक ओ ब्रायन ने भाजपा के सभी आरोपों से इनकार किया है

भाजपा ने वर्धमान विस्फोट मामले में ममता सरकार और मारे गए संदिग्धों के बीच मिलीभगत होने का आरोप लगाया है. इसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर इस मामले को राजनीतिक रंग देने का आरोप मढ़ा है.

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मामले की जांच में राज्य प्रशासन पर विश्वास न करने के लिए भी जोरदार हमला बोला है. ओ ब्रायन ने भाजपा पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि तृणमूल को भाजपा से देशभक्ति का पाठ पढ़ने की जरूरत नहीं है.

भाजपा ने पश्चिम बंगाल की सरकार पर वर्धमान विस्फोट मामले में साक्ष्यों को नष्ट करने और मामले को जांच के लिए एनआईए (नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी) को नहीं सौंपने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

'बाँटो और राज करो' की नीति

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह ने राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा, "तृणमूल कांग्रेस की सरकार इस मामले की जांच एनआईए को क्यों नहीं सौंप रही? इसमें हो रही देरी से सरकार की ओर से मामले को रफा-दफा करने की आशंका पैदा हो रही है."

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के साथ वर्धमान के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के संबंध होने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के ऐन पहले चुनाव आयोग ने उनका स्थानांतरण कर दिया था.

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सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि तब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उस पुलिस अधिकारी से वादा किया था कि वे चुनाव खत्म होने के बाद उसी पद पर उन्हें वापस बुला लेंगी और उन्होंने ऐसा किया भी.

ये पूछे जाने पर कि राज्य मामले की जांच करने की इजाजत एनआईए को क्यों नहीं दे रही तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, "पहले राज्य की एजेंसियों को तो मामले की जांच कर लेने दीजिए. आपको राज्य प्रशासन पर भरोसा तो करना होगा. केंद्र के हस्तक्षेप से संघीय ढांचा गड़बड़ा सकता है."

उन्होंने कहा, "हमें पूरा भरोसा है कि राज्य प्रशासन इस मामले की तह तक जाएगी और सच सामने आएगा."

भाजपा पर हमले तेज करते हुए तृणमूल कांग्रेस नेता ने कहा, "अतीत गवाह है कि इन्होंने हर राज्य में सांप्रदायिक तनाव भड़काने की नीति अपनाई ताकि वो भारत को बांटकर उस पर राज कर सकें."

दो अक्तूबर को वर्धमान में हुए विस्फोट मामले में दो महिलाओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस विस्फोट में दो संदिग्ध चरमपंथियों की मौत हो गई थी.

जिहादी साहित्य और वीडियो

वर्धमान के पुलिस अधीक्षक एस एम एच मिर्जा के मुताबिक हमले में शामिल दो महिलाओं रजीरा बीबी को नादिया से और मुर्शिदाबाद के लालबाग की अमीना बीबी को खरागढ़ से गिरफ्तार किया गया.

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Image caption भाजपा ने वर्धमान विस्फोट मामले की जांच एनआईए टीम से कराने की मांग की है.

पुलिस के अनुसार दोनों महिलाओं को वर्धमान की अदालत में पेश किया गया जिन्हें बाद में नौ दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया.

रजीरा बीबी विस्फोट में मारे गए संदिग्ध चरमपंथी शकील अहमद की विधवा हैं जबकि अमीना बीबी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हसन साहेब की पत्नी हैं.

दूसरे मृत व्यक्ति की पहचान सोवन मंडल के रूप में की गई है.

सीआईडी, विस्फोट में लश्कर ए तैयबा और हरकर उल जिहादी अल इस्लामी यानी हूजी जैसे चरमपंथी संगठनों के शामिल होने की संभावनाओं की भी जांच कर रही है.

पुलिस अधीक्षक मिर्जा के अनुसार सीआईडी ने विस्फोट स्थल से 55 ग्रेनेड, विस्फोटक बनाने की रसायन सामग्री, विस्फोट से जुड़ी किताबें, कुछ जिहादी साहित्य, जिहादी प्रशिक्षण का वीडियो और वर्धमान की महत्वपूर्ण जगहों का मैप बरामद किया.

पुलिस सूत्रों के अनुसार संभावित संदिग्धों ने दो महीने पहले ही वो मकान किराए पर लिया था जहां विस्फोट हुआ है.

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