राष्ट्रीय खेल घोटाला: दो गिरफ़्तार

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झारखंड में हुए 34वें राष्ट्रीय खेल घोटाले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

इनमें झारखंड ओलंपिक संघ के महासिचव सैयद मतलूब हाशमी और झारखंड सरकार के तत्कालीन खेल निदेशक पीसी मिश्रा शामिल हैं. झारखंड निगरानी ब्यूरो के अपर पुलिस अधीक्षक आनंद जोसेफ तिग्गा ने दोनों अभियुक्तों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया है कि दोनों को रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है. हाशमी और पीसी मिश्रा को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.

खरीद में अनियमितता

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Image caption एसएस हाशमी (दाएं) की मेडिकल जांच के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया.

पुलिस के मुताबिक इसी मामले में कथित तौर पर झारखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष आरके आनंद और कोषाध्यक्ष मधुकांत पाठक भी अभियुक्त हैं. साल 2011 में झारखंड की राजधानी रांची में 34वें राष्ट्रीय खेल का आयोजन हुआ था. खेलों के आयोजन के लिए सामग्री और उपकरण की खरीद में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया था. साल 2010 में झारखंड निगरानी ब्यूरो ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था. अपर पुलिस अधीक्षक ने बीबीसी को बताया है कि स्पेशल ऑडिट जांच में भी गड़बड़ी की पुष्टि हुई है. कम कीमत वाली खेल सामग्री अधिक कीमत में खरीदी गई है.

जनहित याचिका पर मामला दर्ज

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Image caption झारखंड में 2011 में आयोजित राष्ट्रीय खेल घोटाला मामले में मिश्रा भी अभियुक्त हैं.

छानबीन में ये भी पता चला है कि खेल सामग्री की खरीद में कथित तौर पर निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए निविदा की प्रक्रिया में भी अनियमितताएं बरती गई हैं. इस मामले में झारखंड राज्य कुश्ती संघ के अध्यक्ष भोलनाथ सिंह ने झारखंड हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी. ओलंपिक संघ के महासिचव और तत्कालीन खेल निदेशक की गिरफ्तारी के बारे में अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने कहा है कि देर सही, कार्रवाई होने लगी है. गहराई से जांच होने पर और भी कुछ खास चेहरे लपेटे में आ सकते हैं.

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