स्वर्ण विजेता को 'डायन' बताकर पीटा

असम की खिलाड़ी देबजानी बोरा इमेज कॉपीरइट Biju Boro

असम की राष्ट्रीय स्तर की जैवलिन थ्रो की खिलाड़ी को डायन बताकर जादू-टोना के इल्ज़ाम पर पीटा गया है और यातनाएँ दी गई हैं.

राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतने वाली देबजानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया है.

उन्हें इस साल एशियन मास्टर्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना है.

देबजानी के साथ ये हरकत कथित तौर पर हफ़्ते की शुरुआत में हुई है.

देबजानी एक ग़रीब खेतिहर मज़दूर है और कार्बी आंगलांग ज़िले के चेरेकाली गांव की निवासी है.

देबजानी अपने पति के साथ दूसरे लोगों के खेतों में काम करती हैं और उनके तीन बच्चे हैं.

Image caption भारत के कई इलाकों में आज भी डायन प्रथा जारी है.

गांव में पिछले कुछ महीनों में तीन शराबियों की मौत हुई और एक ठुकराए हुए प्रेमी ने आत्महत्या कर ली थी. इन सबका इलज़ाम देबजानी पर लगाया दिया गया है.

'सार्वजनिक सुनवाई'

14 अक्तूबर को देबजानी को गांव के सामुदायिक प्रार्थना हॉल में खींच कर ले जाया गया जहां उन पर डायन होने का इलज़ाम लगाया गया और ''सार्वजनिक सुनवाई'' हुई.

देबजानी कहती हैं, ''गांव में हुई मौतों के लिए मुझे ज़िम्मेदार ठहराया गया. मुझे मछली पकड़ने वाले जाल में बांध कर बुरी तरह पीटा गया."

देबजानी को इतनी यातना दी गई कि वे बेहोश हो गईं. उन्हें स्थानीय प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया जहां उन्हें अगले दिन होश आया.

उन्होंने पत्रकारों को बताया, "इन मौतों की वजह ढूंढने की जगह गांव के कुछ बुज़ुर्गों को शक़ हुआ कि ये कोई डायन कर रही है. उन्होंने पूजा आयोजित की. पूजा के दौरान एक बुज़ुर्ग महिला, राधा लास्कर, ने मुझे डायन बताया और चिल्ला कर कहा कि मुझे सज़ा मिलनी चाहिए."

खेलनी चिंता

कार्बी आंगलांग की पुलिस अधीक्षक मुग्धा ज्योति महंत ने बताया कि देबजानी के परिवार की पुलिस में शिक़ायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने राधा लास्कर को गिरफ़्तार कर लिया है.

मंहत ने बताया, "हमें शक़ है कि देबजानी को व्यक्तिगत कारणों की वजह से प्रताड़ित किया गया है."

देबजानी को चिंता है कि वे इस साल के आखिर में मलेशिया में होने वाली एशियन मास्टर्स चैंपियनशिप में हिस्सा नहीं ले पाएंगी.

उन्होंने बताया, "मैं साल 2011-2012 में भी प्रतियोगिता में नहीं जा पाई थी क्योंकि उस वक़्त मेरे पास दिल्ली जाने तक के पैसे नहीं थे. अब जब मैंने कुछ पैसे जमा कर लिए हैं, मैं इस बार ये मौक़ा नहीं गंवाना चाहती."

असम में पिछले पांच साल में लगभग 90 महिलाओं को डायन होने के शक़ में ज़िदा जलाया गया या उनके सिर काट दिए गए थे. मारे गए लोगों में ज़्यादातर महिलाएं थीं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)