बंगलुरु: स्कूल ट्रस्ट का सचिव गिरफ़्तार

बेंगलुरू स्कूल रेप

बंगलुरु में उस स्कूल चलाने वाले ट्रस्ट के सचिव को गिरफ़्तार किया गया है, जहां नर्सरी के एक बच्ची से बलात्कार किया गया था.

उन्हें कर्नाटक सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा दर्ज धोखाधड़ी की शिकायत पर गिरफ़्तार किया गया.

पुलिस ने श्री गौथम एकेडमी ऑफ़ जनरल एंड टेक्निकल एजुकेशन सोसाइटी के सचिव के आर के रेड्डी को गिरफ़्तार कर लिया. यह ट्रस्ट 'ऑर्किड, दि इंटरनेशनल स्कूल' चलाती है.

उन्हें नियमों की अवहेलना और 'ग़ैरक़ानूनी' ढंग से 'ऑर्किड, दि इंटरनेशनल स्कूल' चलाने का आरोप है.

शिकायतकर्ता ने कहा है, "(स्कूल ने) लोगों, अभिभावकों और ख़ासकर 900 बच्चों को धोखा दिया है. इसे न तो साज्य और न ही केंद्र सरकार से किसी तरह की मान्यता मिली है."

झूठा दावा

कर्नाटक के गृहमंत्री के जे जॉर्ज ने पत्रकारों को बताया, "शिक्षा विभाग की शिकायत पर एक व्यक्ति को गिरफ़्तार कर लिया गया है."

शुक्रवार को पब्लिक इंस्ट्रक्शन के आयुक्त मोहम्मद मोहसिन ने स्कूल का दौरा कर उसकी जांच की थी. स्कूल प्रबंधन को कन्नड़ भाषा में प्राथमिक स्कूल, पहली से पांचवीं तक, चलाने की अनुमति थी.

लेकिन वास्तविकता में अधिकारियों ने देखा कि स्कूल में "प्री नर्सरी से 7वीं तक सीबीएसई इंग्लिश माध्यम से क्लास चल रही थीं, जो क़ानून की गंभीर अनदेखी और दुरुपयोग है."

शिकायत में कहा गया है, "बिना उचित प्रमाणीकरण के स्कूल ने झूठा दावा किया कि यह एक मान्यता प्राप्त स्कूल है और बड़े पैमाने पर पैसा इकट्ठा कर लिया."

ट्रस्ट के सचिव रेड्डी के अलावा उसकी अध्यक्ष के दुर्गा, उपाध्यक्ष वाई शिल्पा और सहसचिव यू सुरेंद्र बाबू के ख़िलाफ़ राइट ऑफ़ चिल्ड्रन टु फ़्री एंड कंपलसरी एजुकेशन एक्ट 2009 और आईपीसी की धारा 418, 420, 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है.

'सावधानी'

कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बंगलुरु में बीबीसी को बताया कि पुलिस स्कूल के एक गैरशिक्षक कर्मचारी "से लगातार पूछताछ की जा रही है. लेकिन अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं की गई है."

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आलोक कुमार ने कहा, "यह मामला किसी बड़े नहीं बल्कि एक बच्चे का है, इसलिए हम बहुत संभलकर चल रहे हैं. हम हर सूचना को हर तरह से जांच रहे हैं."

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "हम पहले की ग़लतियां नहीं दोहराएंगे कि पहले गिरफ़्तारी कर लें और फिर सही अभियुक्त को पकड़ें."

जुलाई में दक्षिण-पूर्व बंगलुरु में छह साल की एक बच्ची से बलात्कार के आरोप में पुलिस ने एक स्केटिंग इंस्ट्रक्टर को गिरफ़्तार किया था, जो बाद में निर्दोष निकला.

पुलिस अधिकारियों ने माना कि अभिभावकों और लोगों के प्रदर्शन के दबाव के चलते वह परिणाम दिखाने के दबाव में थे.

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